बाल अभिलाषा – अमितेश कुमार (मलिकौरिया)

बाल अभिलाषा – अमितेश कुमार (मलिकौरिया) हम बच्चे मातृभूमि के वरदान हैं। इस भूमि के हम अभिमान हैं। इस भू को अब्बल–सब्बल करना ही मेरा अभियान है। ब्रह्म-मुहूर्त जग दिन…

राष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठक

राष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठक आया यह दिन खास, करना है अहसास, जनवरी पाँच आज, समझ बनाइए। कौआ चील गिद्ध मोर, पक्षियों के भाए शोर,…

अवध बिहारी – कुसुमविचित्रा छंद गीत – राम किशोर पाठक

अवध बिहारी – कुसुमविचित्रा छंद गीत – राम किशोर पाठक भव भय हारी, प्रभु अवतारी। जनहित कारी, अवध बिहारी।। जगत सताए, समझ न पाऊँ। हर-पल कैसे, सरस बनाऊँ।। नमन करूँ…

संविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठक

संविधान- लावणी छंद – राम किशोर पाठक नीति नियम का ग्रंथ यही है, जिसके सन्मुख समरस रहते। देश चलाते हैं हम जिससे, संविधान उसको कहते।। आजादी जब हमने पायी, हमको…

जिए जा रहा हूॅं- गजल  राम किशोर पाठक

  १२२-१२२-१२२-१२२ उदासी छुपाकर जिए जा रहा हूँ। तभी तो लबों को सिए जा रहा हूँ।। निगाहें जिन्हें ढूँढती है हमेशा उन्हें बेनजर अब किए जा रहा हूँ।। उधारी चुकाना…

चुनावी जुमले बाज़ी –  जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

चुनावी जुमले बाज़ी  जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’   जंगल राज कह कर सबको डराते हैं, विकास-भ्रष्टाचार के, मूद्दे हुए गौण है।   युवाओं का पलायन,रोके नहीं रूक रहा, मंहगाई के नाम…