Tag: Vinay Kumar

आभासी दुनिया की मृगतृष्णा-विनय कुमारआभासी दुनिया की मृगतृष्णा-विनय कुमार

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आभासी दुनिया की मृगतृष्णा  सैकड़ों-हज़ारों दोस्त मिलें फ़िर भी ख़ुद को अपनापन की गलियों में अकेला ही पाया ये इंटरनेट[...]

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सूरज और जल की चेतावनी-विनय कुमारसूरज और जल की चेतावनी-विनय कुमार

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सूरज और जल की चेतावनी  सुबह, सुबह ! सूरज अपने कर्मपथ को चला कि मार्ग में एक खंडहर मिला कभी[...]

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बहन की प्रतीक्षा-विनय कुमारबहन की प्रतीक्षा-विनय कुमार

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बहन की प्रतीक्षा  भोर बेला में खड़ी घर के द्वारे विकल मन बहना नैना पसारे सुनसान सड़क है सुनसान राहें[...]

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