उन्नत बिहार के उज्जवल भविष्य की हम ज़ब – ज़ब कल्पना करते हैं ।
तब खुशी से मन झूम उठता ज़ब लोग हिल- मिल भी रहते हैं ।।
उन्नत बिहार के साँचे में जब हम सब ढलते जाएँगे।
इसका वैभव होगा अनंत जब हम प्रेम की राह अपनाएँगे ।।
कोशिश ही तकदीर बने इस भव्य मंदिर को सजाने में।
इसमें ही अपना पुरुषार्थ लगे इस पावन मंदिर को चमकाने में ।।
समुन्नत होगा हर कण -कण में क्षण -क्षण में प्रीति जगाएँगे।
मानव- मानव में कहीं भेद नहीं किसी के प्रति दुश्मनी भाव न लाएँगे ।।
सब बच्चे होंगे होनहार सबल बिहार की यश गाथा ही गाएँगे।
सपने में न तनिक भी अभिमान झलकेगा हम भारत का भाग्य बढ़ाएँगे ।।
शुभ कर्मों से हम प्रेरित होते सभी युवा हमारे कामिल हैं ।
अपने प्रान्त के नवोत्कर्ष में सचमुच ही सब शामिल हैं ।।
फौज ख़डी हो जहाँ युवाओं की उसे कौन कभी रोक सकता है ।
जहाँ की धरती है बलिदानों की उसे कहो कौन टोक सकता है ।।
उन्नत बिहार हमारा है हम उज्जवल करके सबको दिखलाएँगे ।
हर कण -कण में हर रज – रज में इसकी शान सभी बतलाएँगे।।
सदा से पढ़े लिखों का है बिहार इसे उन्नत करते जाएँगे।
जीवन का मर्म इसी में हैं इसे उज्जवल सदा बनाएँगे ।।
खेल कूद में शीर्ष पर होगा , अंतरिक्ष उड़ान की शान में ।
पढ़े लिखे तब और भी होंगे नव बिहार की तान में ।।
महकेगा पूरा बिहार ही आतिथ्य प्रेम की डोर से।
चमकेगा पूरा बिहार ही सुख समृद्धि की जोर से ।।
अमरनाथ त्रिवेदी
पूर्व प्रधानाध्यापक
उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैंगरा
प्रखंड बंदरा
जिला मुजफ्फरपुर

