वसंत की खुशबू फिजा में, तैर रही नित शान से। जवाँ दिल बढ़ें चलें, रुकें न अग्नि बाण से। न आदि है न अंत है, वसंत ही वसंत है। पसरी…
हमारे जमाने की ईद- संजय कुमार
बहुत याद आती है ईदें पुरानी नानी और दादी के किस्से कहानी हिन्दू न हम थे न मुसलमान मीनू वो खुशियाँ व मस्ती, सबकी थी साझी मुहल्ले के मस्जिद और…
नव दुर्गा का दिव्य संदेश – सुरेश कुमार गौरव
“शैलपुत्री” का पहला वंदन-धैर्य संकल्प का दीप जलाओ, अडिग रहो, हिमगिरि सम दृढ़, सच्चे पथ पर कदम बढ़ाओ। “ब्रह्मचारिणी” का सन्देश- साधना से अपनी राह बनाओ, धैर्य, संयम, तप की…
आओ मिल नववर्ष मनायें- अमरनाथ त्रिवेदी
आओ सब मिल नव वर्ष मनायें, अपने सपने खूब सजायें। चेतनता का द्योतक है यह, सृजन का उद्घोषक है यह। आज मही पर नव वर्ष है आया, खुशियों का संगम है लाया।…
आया है नववर्ष- शैलेन्द्र भूषण
प्रतिवर्ष है यह आता तन-मन को खूब भाता सृष्टि में फैला अद्भुत यह कैसा सुखद हर्ष आया है नववर्ष। हम कर गये प्रवेश सदी अगली है विशेष बीता हुआ हर…
नव संवत्सर का शुभागमन- सुरेश कुमार गौरव
चैत्र मास आया लेकर नव जीवन का संचार, संवत्सर नव मंगलमय, भर दे उमंग अपार। शुक्ल पक्ष की प्रथम रश्मियाँ शुभ संकेत लाए, वसुंधरा नव रूप सँवारकर हरियाली बरसाए। कोयल…
नूतन वर्ष – रामकिशोर पाठक
लो नूतन वर्ष सनातन का, आज शुरू होने आया। चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा यही, प्रथम दिवस है कहलाया। प्रकृति लिए उल्लास जहॉं है, कण-कण भी है मुस्काया। धन-संपदा से पूर्ण…
इस वर्ष की ईद -संजय कुमार
बड़ा सुहाना है, मौसम इस माह का चेहरे के भाव बताते हैं खुशियों की रंग खेलते हिन्दू बरसाते फूल मुस्लिम अता करते नमाजियों पर, बरसाते गुलाब हिन्दू यही तो रूप…
महादेवी वर्मा: विधा – मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक
काव्य रची अनमोल, सौम्य सरस-सा बोल, छायावादी रस घोल, नारी वंदनीय है। सप्तपर्णा, दीपशिखा, सांध्यगीत, अग्निरेखा, संकल्पिता स्मृति रेखा, यामा पठनीय है। श्रेष्ठ उपन्यासकार, उपकारी व्यवहार, शिक्षा और सदाचार, सदा…
अमर शहीदों को नमन- सुरेश कुमार गौरव
वीरों की इस भूमि पर, गूँज रही शौर्य हुंकार, शान से बलिदानियों ने, लिखे नये संस्कार। भगत, सुखदेव, राजगुरु, थे अद्भुत रणवीर, फाँसी के फंदे को, हँस पहना जैसे शूर…