अभी तो मैं बच्ची हूँ
पापा इतनी क्या है जल्दी,
थोड़ा पढ़-लिख जाने दो।
अभी तो नन्हीं कली हूं,
फूल तो बन जाने दो।
मैं तो हूं छोटी सी गुड़िया,
कच्ची अभी उमर मेरी।
क्या बिगड़ेगा आपका,
जो पढ़ लेगी बिटिया तेरी।
समाज की इस कुप्रथा को,
तोड़ आगे बढ़ जाऊंगी।
भैया के जैसा समाज में,
मैं भी नाम कमाऊंगी।
बोझ नहीं बनूंगी किसी पर,
आगे बढूंगी, आगे बढ़ेगा घर-समाज।
हर कोई अगर यह चाहेगा,
एक दिन होगा देश का विकास।
खुशबू कुमारी
मध्य विद्यालय गोला पंचायत जे पी कॉलोनी चंदवारा मुजफ्फरपुर
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Khushboo Kumari

