इको क्लब की टोली आई,
खुशियों की रंगोली लाई।
हँसी-मस्ती की चली फुहार,
होली लाई खुशियाँ अपार।
सोनाक्षी लाई गुलाल सुहाना,
आरती ने सबको रंग लगाने का ठाना।
हँसते-हँसते रंग बरसाए,
सबके चेहरे खिल उठ आए।
साक्षी बोली — “संयम रखना”,
बबी ने कहा — “खुशियाँ रखना।”
चाँदनी, सोनाक्षी, इरफाना आए,
सावरी सुमन संग सब मुस्काए।
सोनाक्षी, सावरी सुमन हँसते रहे,
रंगों की मस्ती में सब बसते रहे।
सबने मिलकर की ठिठोली,
खेली सबने प्यारी होली।
हँसते-हँसते रंग लगाए,
विवेक संग भी गुलाल सजाए।
दोस्ती, मस्ती और प्यार की टोली,
सबने मिलकर खेली अनोखी होली।
फिर बारी-बारी से शिक्षक-शिक्षिकाएँ आएँ,
सब छात्र-छात्राओं संग होली मनाएँ।
हँसी, स्नेह और रंगों के संग,
झूम उठा सारा इको परिवार एक संग।
इको क्लब के मार्गदर्शक हमारे,
डीपीओ सुजीत कुमार दास सर प्यारे।
उनके संग हमने यह ठाना,
प्रकृति का मान सदा निभाना।
सूबे और मुज़फ्फरपुर की जनता से यह कहा जाए,
इको-फ्रेंडली होली इस बार मिलकर मनाए।
प्रकृति संग खुशियों के रंग सजाएँ,
धरती को फिर से मुस्काएँ।
विवेक कुमार
भोला सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय, पुरुषोत्तमपुर
कुढ़नी, मुजफ्फरपुर
विवेक कुमार

