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दाग अच्छे है
मेरी स्कर्ट पर लगा लाल दाग
कई सवाल उठा रहा
टमैटो सॉस लग गई होगी
मेरा कलासमेट मुझे समझा रहा
टमैटो सॉस नहीं है, वो खून का दाग है
वाशरूम इस राज से पर्दा उठा रहा
मेरे शरीर में आखिर हो क्या रहा है
मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा
मेरी अध्यापिका मुझे प्रकृति से मिले
इस गिफ्ट के बारे में समझा रही
और पीरियड की मंथली साईकिल
के बारे में बता रही।
खून का दाग करे लड़की से औरत
बनने के सफ़र का आगज़
किशोरावस्था में इस गोपनीय
विषय से पर्दा हटे और खुले
इससे जुड़े सारे राज़ ।
हर महिने आए, विविध कष्टों से
उदर शोर मचाए, मूड स्विंग की
मन में आंधियाँ चले और विज्ञान
की भाषा में पीरियड कहलाए ।
नारी जाती के लिए है वरदान या अभिशाप
ये समझ मे न आए,
पीरियड का ये मासिक सफर शरीर में उथल – पुथल मचाए ।
- कुमारी स्वेता
Kumari sweta

