पद्यपंकज काव्य लेखन हमारी हिंदी – Purushottam Kumar

हमारी हिंदी – Purushottam Kumar



देश की शान है हमारी हिंदी

पुरखों की पहचान है हमारी हिंदी।

भारतेंदु की गीत है हमारी हिंदी

महादेवी की प्रीत है हमारी हिंदी।

दिनकर की रश्मिरथी हमारी हिंदी

हिमालय की पुकार हमारी हिंदी।

रामवृक्ष का निबंध है हमारी हिंदी 

निराला का मुक्तक छंद है हमारी हिंदी।

पंत का प्रकृति प्रेम  है हमारी हिंदी

सुभद्रा की स्नेह  है हमारी हिंदी।

मैथिलीशरण का साकेत हमारी हिंदी

सिनेमा का आखेट हमारी हिंदी।

भारत की संगीत है हमारी हिंदी

प्रेम का गीत है हमारी हिंदी।।

                    पुरुषोत्तम कुमार।

0 Likes
Spread the love

Leave a Reply