राही हे राही! जिस राह पर चल पड़े हैं क़दम, उस राह को कभी छोड़ना नहीं, राहें होगी हजारों कंटकों[...]
Day: September 9, 2021
आत्मलय-गिरिधर कुमारआत्मलय-गिरिधर कुमार
देखता हूँ गौर से क्षितिज के पास लेकिन सम्मुख सा सभी कुछ के साथ स्वयं की प्रतीति ऊहापोह और विश्रांतता[...]
