Day: October 17, 2021

स्तुति-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’स्तुति-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

नवदुर्गा पूजा मेरी स्वीकारो माता, जग-जननी जगदंबे माता। नवरूप धर मेरी प्यारी मैय्या, घर में मेरे पधारो माता। पूजा मेरी…………………. प्रथम रूप शैलपुत्री माता, हृदय बीच समाओ माता। अपनी अनुपम प्रभा से मैय्या, तन-मन निश्छल बना दो माता। पूजा मेरी…………………… द्वितीय रूप ब्रह्मचारिणी माता, ज्ञान का ज्योत जला दो माता। सन्मार्ग से हम डिग नहीं […][...]

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