Day: February 4, 2022

Kumkum

मनहरण घनाक्षरी – कुमकुम कुमारीमनहरण घनाक्षरी – कुमकुम कुमारी

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मनहरण घनाक्षरी चले वसंती बयार, छाया सबपे खुमार, होकर हंस सवार, आई चन्द्रकांति माँ। छेड़ दी वीणा की तार, झंकृत[...]

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