जग में ऐसा कुछ काम करो, जिससे पर की भी भलाई हो पाए। सपनों में न कभी ऐसी सोच रखो,[...]
Day: January 22, 2025
मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक
पाठशाला के द्वार को, बच्चों में सुविचार को, खोलने को आप नित, समय से आइए। परिसर साफ करे, सब हाथों[...]
