Day: August 31, 2025

Jainendra

प्राकृतिक आपदा -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’प्राकृतिक आपदा -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

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रूप घनाक्षरी छंद में कभी-कहीं बाढ़ आए, कभी तो सुखाड़ आए, सड़कें मकान सारे, हो जाते हैं जमींदोज़। पहाड़ चटक[...]

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जय गणेश- द्रुत विलंबित छंद जय गणेश- द्रुत विलंबित छंद 

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  जय गणेश सभी कह दीजिए। चरण नेह गजानन कीजिए।। शिव उमा सबकी वर लीजिए। भजन भक्ति सदा रस पीजिए।।[...]

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