जल से ही तो है जीवन, जल से ही तो यह धरती हैं । उपयोग करें हम सूझबूझ से, व्यर्थ[...]
Day: February 15, 2026
भोलेनाथ हो-राम किशोर पाठकभोलेनाथ हो-राम किशोर पाठक
लेकर आए हैं बाराती, करके चौड़ी छाती, भोले नाथ हो। है हैरत में दुनिया सारी, अद्भुत रूप निहारी, शशिधर माथ[...]
शिव विवाह -रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’शिव विवाह -रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
क्षितिज लालिमा की झलक,संपूरित उल्लास। नभचर थलचर चेतना,भरतीं हैं हुल्लास।। सारी सृष्टि सजी-धजी,निकलेगी बारात। गाजे-बाजे में खिले,दानव-मानव जात।। जय-जय हे[...]
हौसलों की उड़ान – राम किशोर पाठकहौसलों की उड़ान – राम किशोर पाठक
पा जाते हर लक्ष्य हम, बिना किसी व्यवधान। मन लेता है जब वहाँ, हौसलों की उड़ान।। बाधाओं को चीर कर,[...]
