Prem-पद्यपंकज

एक कुत्ते की आत्मकथा-लवली कुमारी

एक कुत्ते की आत्मकथा सुनो दोस्तों मेरी कहानी है अनमोल मेरी जुबानी छोटा सा प्यारा बच्चा था मैं  चक्रवर्ती परिवार में जब आया था मैं  बड़े लाड प्यार से पाला…

कलम के सिपाही को शत-शत नमन-रानी कुमारी

कलम के सिपाही को शत-शत नमन  तस्वीरें नहीं बदलीं ओ संवेदना के शिखर पुरुष ! कलम के सच्चे सिपाही ! ओ कथा सम्राट! तुमने समाज की जिन सड़ी-गली रूढ़ियों से…

वर्षा रानी-प्रीति कुमारी

वर्षा रानी  वर्षा रानी का आगमन पुलकित हुआ हमारा मन गर्मी से व्याकुल वसुंधरा को, जैसे मिला हो नव जीवन। बाग़-बगीचे हरे हुए  और हरा हुआ सब वन-उपवन पुष्प सारे…

क्षितिज के पार-दिलीप कुमार गुप्ता

   क्षितिज के पार  हिम वेदना को पिघलाने नयनो के अश्रुकोश लुटाने विकल मन को त्राण दिलाने अन्तर्मन छवि पावन बसाने आओ चले क्षितिज के पार । कुत्सित भाव विचार…

वर्षा रानी-जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”

  वर्षा रानी उमड़-घुमड़ कर बादल गरजे बूंदें गिरती आसमानी, पृथ्वी पर अपना प्यार लुटाने आती हैं वर्षा रानी। ग्रीष्म ऋतु से विह्वल होकर पेड़-पौधे मुरझाते, प्रचंड धूप से आहत…

हाँ गर्व है मुझे-रानी कुमारी

हाँ गर्व है मुझे गर्व है यहाँ के मौसम पर पछुआ-पुरवाई हवाओं पर पर्वत-पहाड़ों, मरुभूमि-मैदानों पर नदी, तालाब, सागर व झीलों पर। गर्व है घाटी के केसर और रेशमी धागों…

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