आँसू और खामोशी – नीतू रानी

Nitu Rani

आँसू और खामोशी

सिर्फ महिलाओं में हीं होती,

ये दोनों लेकर महिला 

दिन- रात हैं रोती।

आँसू और खामोशी 

महिलाओं को सोने नहीं देती, 

ये दोनों को सिर पर लेकर

जिंदगी भर महिलाएँ ढ़ोती।

आँसू और खामोशी 

कभी भी किसी के यहाँ है आती,

ये दोनों सबके जीवन में 

सुख और दुःख है लाती।

आँसू और खामोशी 

भाई किसी को नहीं है छोड़ा,

किसी को बहुत किसी को कम

किसी को आता थोड़ा।

आँसू और खामोशी 

भाई आता है जरुर,

खुशी और ग़म में आता 

मिट जाता सबका गुरुर।

नीतू रानी, विशिष्ट शिक्षिका

स्वरचित कविता

स्कूल -म०वि० रहमत नगर

सदर मुख्यालय पूर्णियाँ बिहार

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