Author: Amitesh Kumar

Dharmendra Kumar Thakur

क्रोध का कुनबा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरक्रोध का कुनबा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 8:21 pm

क्रोध का कुनबा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर भीतर हमारे बैठा है, एक ऐसा परिवार, जो सुख-चैन को डस लेता, कर[...]

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Chandrakant Kumar Choudhary

“नवदुर्गा की हुंकार” – चंद्रकांत कुमार“नवदुर्गा की हुंकार” – चंद्रकांत कुमार

0 Comments 8:12 pm

“नवदुर्गा की हुंकार” – चंद्रकांत कुमार उठो तेजस्वी…! अपने जीवन में हुंकार भरो, नवयुग के जीवन का निर्माण करो, माँ[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

पिघल गया अनुशासन – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरपिघल गया अनुशासन – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:31 pm

पिघल गया अनुशासन – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर वक्त की धूप में देखो, कैसे विचार बदल जाते हैं, जो कल तक[...]

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Arvind Mishra Niraj

प्रथम शैल पुत्री – अरविंद मिश्र “नीरज “प्रथम शैल पुत्री – अरविंद मिश्र “नीरज “

0 Comments 10:26 pm

प्रथम शैल पुत्री – अरविंद मिश्र “नीरज” प्रथम शैल पुत्री हे देवी, पर्वतराज दुलारी हे। सुंदर सुभग मनोहर माता ,बसहाबरद[...]

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Sunita Kumari

घोसला,पक्षी और पर्यावरण – सुनीता कुमारीघोसला,पक्षी और पर्यावरण – सुनीता कुमारी

0 Comments 10:21 pm

घोसला,पक्षी और पर्यावरण – सुनीता कुमारी प्यारे प्यारे, बच्चे आओ, घोसला बनाओ, पक्षियों को बचाओ। हर विद्यालय में, घोसाला निर्माण,[...]

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Umesh kumar sinha

परंपरा और प्रगति का संगम – उमेश कुमार सिन्हा परंपरा और प्रगति का संगम – उमेश कुमार सिन्हा 

0 Comments 10:15 pm

बालिका दिवस — परंपरा और प्रगति का संगम उमेश कुमार सिन्हा  क्यों ? मनाते हैं दिवस आज, यह बात समझना[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

चेतना का शंखनाद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरचेतना का शंखनाद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:09 pm

चेतना का शंखनाद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर क्यों आवश्यकता आन पड़ी, इस बालिका दिवस को मनाने की? ये जान लेना[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

अदृश्य शत्रु – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरअदृश्य शत्रु – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:05 pm

अदृश्य शत्रु – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर मूर्छित ब्रह्मांड पड़ा है देखो, जड़ता का साम्राज्य यहाँ है, जिसने पाला इस दानव[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

स्वर-माला – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरस्वर-माला – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:02 pm

स्वर-माला – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर अ से अः तक की सुंदर कविता आओ बच्चों, गाएं गाना, स्वरों का है रूप[...]

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Bhawanand Singh

माता की भक्ति – भवानंद सिंहमाता की भक्ति – भवानंद सिंह

0 Comments 9:57 pm

माता की भक्ति – भवानंद सिंह मेरी माॅं भवानी माॅं कीजिए हमपर एक उपकार, मेरी माॅं भवानी माॅं मैं हूॅं[...]

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