Author: Amitesh Kumar

Punam Kumari

अब कोई बालिका अपना हक न खोए – पुनम कुमारीअब कोई बालिका अपना हक न खोए – पुनम कुमारी

0 Comments 9:52 pm

अब कोई बालिका अपना हक न खोए – पुनम कुमारी अब कोई बालिका अपना हक न खोए, अपने सपनों को[...]

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Umesh kumar sinha

नवदुर्गा की महिमा -उमेश कुमार सिन्हानवदुर्गा की महिमा -उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 9:47 pm

नवदुर्गा की महिमा -उमेश कुमार सिन्हा आओ माँ का व्रत करे हम उनके सम्मान में उपवास करे हम जो भी[...]

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Archna Kumari

उपवास- अर्चना कुमारी उपवास- अर्चना कुमारी 

0 Comments 9:34 pm

उपवास- अर्चना कुमारी  आओ मिलकर हम लें संकल्प ढूँढे उपवास का नया विकल्प अन्न उपवास तो बहुतेरे हैं करते हटाएँ[...]

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Mritunjay Kumar

हम शिक्षक हैं, हाँ हम शिक्षक हैं! – मृत्युंजय कुमारहम शिक्षक हैं, हाँ हम शिक्षक हैं! – मृत्युंजय कुमार

0 Comments 9:28 pm

हम शिक्षक हैं, हाँ हम शिक्षक हैं! – मृत्युंजय कुमार हम शिक्षक हैं, हाँ हम शिक्षक हैं, देश के नौनिहालों[...]

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Punam Kumari

मैं संगीत, बच्चों तुम, राग मेरा – पुनम कुमारीमैं संगीत, बच्चों तुम, राग मेरा – पुनम कुमारी

0 Comments 9:23 pm

मैं संगीत, बच्चों तुम, राग मेरा – पुनम कुमारी मैं संगीत, बच्चों तुम, राग मेरा, तुमसे ही रोशन संसार मेरा।[...]

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Punam Kumari

बोली बोला, तोल-तोल के – पुनम कुमारीबोली बोला, तोल-तोल के – पुनम कुमारी

0 Comments 9:19 pm

बोली बोला, तोल-तोल के – पुनम कुमारी बोली बोला तोल-तोल के, बात कहऽ दिल खोल-खोल के। मीठ बोल से मन[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

दुनियां रंग-बिरंगी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरदुनियां रंग-बिरंगी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

1 Comment 8:45 pm

दुनियां रंग-बिरंगी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर अजब तमाशा, गजब ये मेला, दुनियां रंग-बिरंगी है, कहीं मखमली चादर ओढ़े, कहीं भयानक[...]

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Arvind Mishra Niraj

मातृनवमी मायक स्मृति – अरविन्द मिश्रमातृनवमी मायक स्मृति – अरविन्द मिश्र

0 Comments 8:22 pm

मातृनवमी मायक स्मृति – अरविन्द मिश्र रे मीता मोन परै अछि माय, कोन कठिन ब्रत तपकें ठानल, देव पितर ककरा[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

खो रही है अस्मिता को – रामपाल प्रसादसिंह अनजानखो रही है अस्मिता को – रामपाल प्रसादसिंह अनजान

0 Comments 8:08 pm

खो रही है अस्मिता को – रामपाल प्रसादसिंह अनजान है गिरी दीवार भारी, टूटता आधार से। रो रही सीता हमारी,[...]

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Jitendra Paswan

पुराने गौरव की बदली तस्वीर – जितेन्द्र पासवानपुराने गौरव की बदली तस्वीर – जितेन्द्र पासवान

0 Comments 8:01 pm

पुराने गौरव की बदली तस्वीर – जितेन्द्र पासवान क्या बखान करूँ इस धरती का, मेरे पास अब वो शब्द कहाँ।[...]

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