जीवन का वह स्वर्णिम क्षण, जो था नन्हा- मुन्ना बचपन । उस बचपन की कुछ यादें हैं, कुछ प्यारे-प्यारे वादे हैं । जो की थीं हमनें पेड़ों संग, गौरैयों संग,गुब्बारों…
Author: Anupama Priyadarshini
सड़क सुरक्षा अभियान-रणजीत कुशवाहा
ऐ भाई ,जरा देख के चलो। आगे ही नहीं ,पीछे भी दायें ही नहीं ,बायें भी ऊपर ही नहीं, नीचे भी ऐ भाई जरा देख के चलो । दुपहिया पर…
सर्दियों में -अमरनाथ त्रिवेदी
इन सर्दियों में ,गरीबों की रौनक रसहीन हो जाती है । सर्द थपेड़ों से जीना मुहाल हो जाती है । चारों ओर शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाता है ।…
ताज़- जयकृष्णा पासवान
सुगम फरिश्तों के , ताज़ है आप । ममताऔर करुणा, की नाज़ है आप ।। “दिल इसे पाकर भला क्यों नहीं झूमे ” । मेरी धड़कनों की, आवाज़ है आप।।…
कर्त्तव्य- अमरनाथ त्रिवेदी
देव -दृष्टि का स्वपुँज , कर में लिए क्यों फिरते हो ? संतप्त हो या अभिशप्त अभी , कुछ क्यों न धरा हेतु करते हो ? परिवर्तन करना वश में…
घरों म कचकचो- जयकृष्ण पासवान
कत्ह जतन स पाललकै पोसलकैय । पढ़ाय लिखाय करि जमीनों गमैलकैय ।। घर बसाय क बाबू करैय छौ किचकिचो । हमरा घरो म रोज कचकचो…।। हे गे माय जरा बाबू…
उलझन -अमरनाथ त्रिवेदी
तन की पीड़ा भूल चुका पर , मन की पीड़ा भुला न पाया । सेवा अवसर आने पर भी , मन को इसमें लगा न पाया । पथ अनेक जीवन…
लौहपुरुष -अमरनाथ त्रिवेदी
जिन्दगी के पुरुषार्थ को , यथार्थ से जाना उन्हें । उस मानवी काया को , सबने लौहपुरुष माना जिन्हें । जिस पुरुष के पुरुषार्थ ने , भारत को एक कर…
किसान-एस.के.पूनम
रश्मियां निकल आईं,पूरब में लोहित छाईं, कृषक तराने गाएं,अभी प्रातःकाल है। निकला विस्तर छोड़,देखा खेत-खलिहान, किसानों का मुखड़ा भी,देख खुशहाल है। धूप से तपती धरा,धूल से गगन भरा, स्वेद से…
जीवन का फ़लसफ़ा -जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
सभी करते आनंद यहां अपने वजूद में, बड़े कामकाज करें, बच्चे खेलकूद में। किशोर तो विद्यालय जाएं करने पढ़ाई को, युवक सेनाओं में जाते सीमा पर लड़ाई को। व्यस्क करें…