ज़िंदगी के सफर में … बहुत कुछ देखा, बहुत कुछ सुना, बहुत कुछ सीखा, बहुत कुछ समझा। अरे ! समझा क्या— अब भी समझना जारी है … अनगिनत चेहरों से…
Author: Anupama Priyadarshini
सिंदूर की चिंगारी- अर्जुन केशरी
धधक उठा है आज हिमालय, वीरों का है गर्जन। सिंदूर की ललकार बनी, आतंकी का अब तर्जन। पहलगाम के अश्रु नहीं, अब खामोश सहेंगे। शौर्य की इस गाथा से, दुश्मन…
शिक्षा का हमारे जीवन में महत्व – मृत्युंजय कुमार
शिक्षा से बदलती है तस्वीर। शिक्षा हीं बदलती है तकदीर।। शिक्षा का है हमारे जीवन में बड़ा महत्व। शिक्षा से हीं करना सबसे बड़ा अपनत्व।। शिक्षा बिना जीवन लगता अधूरा।…
फल, फूल, सब्जी- नीतू रानी निवेदिता
फल, फूल, सब्जी, खाइए भरपूर जी। चीनी, तेल, घी, खाने से पहले मुँह को लें सी। ज्यादा न खाओ चावल आलू, बन जाओगे मोटे भालू। खाने में लें ज्यादा सब्जी,…
कौन रुका है? – गिरीन्द्र मोहन झा
कौन रुका है? प्रश्न है कौन रुका है? सूर्य, मंदाकिनी का चक्कर लगाते, अवनि, सूर्य का चक्कर लगाती, मयंक, पृथ्वी का चक्कर लगाता। फिर बोलो कौन रुका है? पौधे निरन्तर…
उठा वीणा बजा डालूँ – अमरनाथ त्रिवेदी
उठा वीणा बजा डालूँ , सुना मधुमास आया है । ये तारें हैं वीणा की , मधुर झंकार लाया है । खिले हैं फूल चहुँदिस में, बड़ा संदेश लाया है…
प्रकृति का संदेश – सुरेश कुमार गौरव
चलो चलें उस शांत वन में, जहाँ बसी है प्राण धुन में। पत्तों की बोली बह रही है, हरियाली के मृदु जतन में। नदी गुनगुन गीत कहती है, सागर छिपा…
ऑपरेशन सिंदूर -मनु कुमारी
(कविता) भारत माता ने दिया, सबको प्यार दुलार। लेकिन शत्रु ने किया, घात यहाँ हरबार।। जाति धर्म को पूछकर, किया पीठ पर वार। करेंगे उसका सर कलम, कर लेकर तलवार।।…
सीतासोहर – मनु कुमारी
सुन्दर सुभग मिथिला धाम से, पावन पवित्र भूमि रे। ललना रे जहां बसु राज विदेह, प्रजा प्रतिपालक रे। चकमक मिथिलाक मन्दिर, खहखह लागै गहबर रे। ललना रे सिया अइली धरती…
माँ – रूचिका
जीवन की कड़ी धूप में शीतलता का एहसास, माँ हर रिश्तों से है जुदा बेहद हीं खास, माँ जीवन की आपाधापी में एक नरम ठाँव, माँ से ही जुड़ी है…