गोल-गोल लड्डू, खूब खाता गुड्डू । खाता चार-चार, खाता बार-बार, फिर भी ललचाए, छुप कर वो खाए। गोल-गोल लड्डू, खूब[...]
Author: Anupama Priyadarshini
गाय हमारी संस्कृति की धरोहर- अंजू कुमारीगाय हमारी संस्कृति की धरोहर- अंजू कुमारी
गाय हमारी संस्कृति की धरोहर, गाय हमारी पालनहार। देती दूध अमृत के जैसा, भर देती घर में प्यार अपार। गाय[...]
शंख नाद करो – डाॅ उषा किरणशंख नाद करो – डाॅ उषा किरण
उठो तुम! हुंकार भरो! अन्याय का प्रतिकार करो! भेद कर घन तिमिर को, चहुंँओर प्रकाश भरो! छवि तोड़ तुम अबला[...]
हां मैं शिक्षक हूं।हां मैं शिक्षक हूं।
जीवन के अंधियारे को, नित्य निज प्रकाश से भारती हूं। तुम कहते हो मैं ठहरी हूँ, पर मैं निर्झर बनकर[...]
मन:स्थितिमन:स्थिति
मन:स्थिति मन चंचल है द्रुतगामी है, अकल्पनीय है इसकी स्थिति, कभी व्यथित कभी विचलित, अबूझ है इसकी स्थिति, कभी आत्मकेंद्रित,[...]
ज्ञान का दीपकज्ञान का दीपक
ज्ञान का दीपक 5 अक्टूबर 2025 से विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर कार्तिक कुमार मध्य विद्यालय कटरमाला गोरोल[...]
मौन हैमौन है
मौनम् कः अद्य दुःखितः? यस्य जीवनं योगः, संविधानम्, स्वर्वेदः च मौनम् अस्ति। साधना, सेवा, सत्सङ्गः अद्य सर्वेषु मौनम् अस्ति।[...]
भक्ति कैसे करेंभक्ति कैसे करें
कविता का शीर्षक:- ” मौन है” आज दुखी सब कौन है? जिसके जीवन में योग संविधान स्वर्वेद मौन है? साधना[...]
एक पेड़ माँ के नामएक पेड़ माँ के नाम
आओ हम सब मिलकर करें, एक काम । चलो लगाते हैं ”एक पेड़ माँ के नाम”।। छाँव देते[...]
