टॉफी पा के इठलाना, पल में मचल जाना, शैशव की बीती बातें- हमें याद आते हैं। बांहों में लिपट कर, आंचल में छिप जाना, मां की सुनाई लोरी- नहीं भूल…
Author: Anupama Priyadarshini
रामधारी सिंह दिनकर – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
जन्म दिन कविवर, गाएँ गुण मिलकर, दिनकर उपनाम, सभी विधा जानते। जन्मे थे कृषक घर, मिला मातु शुभ वर, सूर्य-सा दैदीप्यमान, राष्ट्र उन्हें मानते। कवि दिव्य मन वाले प्रतिभा जगत…
राष्ट्र कवि दिनकर – मनु कुमारी
साहित्य सरोवर में, खिला अद्भुत कमल! रामधारी सिंह दिनकर। बेगुसराय के गांव सिमरिया, जहां बसे मनरूप देवी और रवि भैया, जिनके पुत्र हुए तेजस्वी दिनकर। मानवीय चेतना के उन्नायक, राष्ट्रीय…
रामधारी सिंह दिनकर – नीतू रानी
जिनके सिंहनाद से सहमी धरती है रही अभी तक डोल, ✒️ कलम आज उनकी जय बोल ✒️ कलम आज उनकी जय बोल। आज का दिन है बड़ा महान, आज हीं…
रामधारी सिंह दिनकर – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’
माँ सरस्वती के चरणों में, झुककर मैं वन्दन करूँ। मेरी लेखनी को शक्ति दो माँ, तुमसे यही अर्चन करूँ। राष्ट्रवादी कवि दिनकर जी का, मैं चरित्र चित्रण करूँ। कुछ भी…
खिलना – अशोक कुमार
टन टन टन टन, घंटी बजी । चलो चलें स्कूल, बच्चों को भेजें स्कूल। इसे ना जाना भूल -2 सुनो रे चाचा , सुनो रे चाची । बच्चों को भेजें…
चहक -अशोक कुमार
चहक उठे सब बच्चे, जैसे चिड़िया चहकती। नित्य विद्यालय जाना, जैसे मन मचलता।। खेल खेल में शिक्षा, हमें आनंदित करे। विद्यालय जाने के लिए, हमें प्रेरित करे।। भयमुक्त वातावरण में,…
स्कूल चलें – अशोक कुमार
स्कूल चले हम स्कूल चले हम नई-नई गतिविधि करें हम स्कूल चले हम ।। सुनो रे मुन्ना सुनो रे मुनिया चलो खेले हम स्कूल चले हम ।। खेल खेल में…
प्यारी सी “सोना”- मनु कुमारी
विद्यालय चल पड़ी है प्यारी सी “सोना”…. नई सखियों का साथ होगा और, खुशियों का झरना, पढेगी खूब मन से वह , पूरी करेगी हर सपना। विद्यालय चल पड़ी है…
कर्मयोगी – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
जीवन में कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो। बनकर दीन–हीन ऐ बंदे, हाथ पसारे मत बैठो। माना अगम अगाध सिंधु है, हार किनारे मत बैठो। छोड़ शिथिलता…