मनहरण बाल घनाक्षरी “””””””””””””””””””””””” टप – टप गिरे ऐसे, लगता है मोती जैसे, नभ से वर्षा की बूंदे रिमझिम बरसे।[...]
Author: Anupama Priyadarshini
रावण दहन – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’रावण दहन – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
अपने अंतर्मन का, रावण दहन करें, लोभ-मोह, दर्प-मान बड़ा ही दानव है। दूसरों से बैर भाव, मानवता का अभाव, क्षुद्र[...]
दशहरा कैसे मनायें- रूचिकादशहरा कैसे मनायें- रूचिका
देखी आज एक बार फिर उत्सव की तैयारी है, बुराई पर अच्छाई की विजय की कहानी जारी है। आज फिर[...]
भजन – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’भजन – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
तोहर माथे में मुकुट गले हार सोहे ला, माई दसों हाथ तोहर हथियार सोहे ला। कर में कंगन सोहे भाल[...]
सुनियौ अरज ओहिना – नीतू रानीसुनियौ अरज ओहिना – नीतू रानी
भगवती गीत सुनियौ अरज ओहिना अरज ओहिना अरज ओहिना हे जननी सुनियौ अरज ओहिना, बच्चा केअ माता सुनैये जहिना—2 सुनियौ[...]
छागर की माॅ॑ – नीतू रानी” निवेदिता”छागर की माॅ॑ – नीतू रानी” निवेदिता”
छागर की माॅ॑ बकरी कहती है क्या यहीं है नवरात्रि का त्योहार, जिस त्योहार में की जाती है मेरे आगे[...]
विनती हमारी-मनु कुमारीविनती हमारी-मनु कुमारी
जय -जय अम्बे,जय जगदम्बे, सुन लो अरज हमार। सकल जगत की तू हो माता , विनती सुनो हमार। तू हो[...]
मां के नवरुपों का दर्शन- विवेक कुमारमां के नवरुपों का दर्शन- विवेक कुमार
मां की महिमा है बड़ी निराली, उनके रूपों में दर्शन देती मां काली, नवरात्रा में मां के नव रूपों के[...]
बापू- नीतू रानीबापू- नीतू रानी
आज है 02 अक्टूबर का दिन आज का दिन है बड़ा महान, आज हीं जन्म लिए मेरे बापू हम सब[...]
प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद हर साल नवरात्रि, माता की चरण आवे, पूजा बिना सुना लगे महल अटरिया। धन पद सुत दारा,[...]
