दीपावली का संदेश ****** बच्चों अबकी दीवाली में फुलझड़ियों से मुंह मोड़ो। दुनिया की भलाई के खातिर तुम पटाखा मत[...]
Author: Anupama Priyadarshini
अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी -विवेक कुमारअभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी -विवेक कुमार
सजी है बगिया, चहकने को तैयार, आपके आगमन से होगा, हमारा विद्यालय गुलजार, इंतजार कर रही अंखियां, करने को स्वागत[...]
निपुण भारत, निपुण बिहार – संजय कुमार सिंहनिपुण भारत, निपुण बिहार – संजय कुमार सिंह
बच्चों की फुलवारी कितना महक रही है देखो तो मुनिया बेटी विद्यालय में चहक रही है देखो तो।। चहक –[...]
पर्यायवाची शब्द -सुधीर कुमारपर्यायवाची शब्द -सुधीर कुमार
सूरज का है समानार्थी रवि , सूर्य दिनमान । इसी तरह ईश्वर का होता प्रभु , देव , भगवान ।। [...]
दो भाई- मीरा सिंह “मीरा”दो भाई- मीरा सिंह “मीरा”
सोनू मोनू हैं दो भाई करते सारे लोग बड़ाई। खेला करते साथ हमेशा कभी कभी वो करें लड़ाई।। उन दोनों[...]
राष्ट्रकवि सोहनलाल द्विवेदी – सुधीर कुमारराष्ट्रकवि सोहनलाल द्विवेदी – सुधीर कुमार
सोहनलाल द्विवेदी की मैं गाथा तुम्हें सुनाता हूँ । इनका जीवन और कृति से परिचय तुम्हें कराता हूँ द्विवेदी जी[...]
खांमोशी भी कुछ कहती है – नीतू रानीखांमोशी भी कुछ कहती है – नीतू रानी
खामोशी भी कुछ कहती है चाहे कोई मुँह से बोलकर नहीं कहे , लेकिन ये आँखें बहुत कुछ कह देती[...]
गीत -सुधीर कुमारगीत -सुधीर कुमार
याद आती है बहुत ही गाँव की । धान गेहूँ की फसल का झूमना । पेड़ को हरदम लता का[...]
वर्षा की बूंदे – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’वर्षा की बूंदे – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण बाल घनाक्षरी “””””””””””””””””””””””” टप – टप गिरे ऐसे, लगता है मोती जैसे, नभ से वर्षा की बूंदे रिमझिम बरसे।[...]
रावण दहन – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’रावण दहन – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
अपने अंतर्मन का, रावण दहन करें, लोभ-मोह, दर्प-मान बड़ा ही दानव है। दूसरों से बैर भाव, मानवता का अभाव, क्षुद्र[...]
