ज्ञान की दीपशिखा – प्रज्ञानिका

प्रज्ञा की ज्योति जलाए जो, अंधकार को दूर भगाए जो। ज्ञान का दीपक बनकर चमके, हर मन में उम्मीद जगाए जो। चलो प्रज्ञाणिका बन जाएँ, सत्य-पथ पर कदम बढ़ाएँ। अज्ञान…

सुनीता तेरे धैर्य – मनु कुमारी

चहुंओर ओर है छाई खुशियां,नवकलियां मुस्काई है । फ्लोरिडा के तट पर देश की बेटी, आज उतरकर आई है।। साहस शौर्य से भरी वो युवती, धैर्य दृढ़ता का पहन लिबास…

काश!सबके किस्मत मे होता- अवनीश कुमार

सबके किस्मत मे नही होता दादी की बनाई आचार चट करना और फिर मुस्कुराकर उनके पीछे छिप जाना सबके किस्मत मे नही होता दादू के कंधे पर बैठकर कान्हा बन…

इस वर्ष की ईद -संजय कुमार

बड़ा सुहाना है, मौसम इस माह का चेहरे के भाव बताते हैं खुशियों की रंग खेलते हिन्दू बरसाते फूल मुस्लिम अता करते नमाजियों पर, बरसाते गुलाब हिन्दू यही तो रूप…

वो होली का अंदाज़ कहाँ -अवनीश कुमार

अब वो फनकार कहाँ, अब वो रंगों का चटकार कहाँ, अब वो अल्हड़-सी शरारतें कहाँ, अब वो फाल्गुन का अंदाज़ कहाँ? अब वो ढोल-मंजीरा सजी शाम कहाँ, सजी महफ़िल में…