बाल कविता। मुन्नी रोज आती स्कूल, लेकिन आज रास्ता गई भूल। रास्ते में बैठकर रो रही थी, आँसू से मुख[...]
Author: Anupama Priyadarshini
बदलें बिहार आओ – राम किशोर पाठकबदलें बिहार आओ – राम किशोर पाठक
द्विगुणित सुंदरी छंद शिक्षक सभी हमारे, बदलें बिहार आओ। शिक्षा दीप जलाओ, ज्ञान पुंज फैलाओ।। प्रण यह करने आओ, औरों[...]
यह चिड़िया कहाँ रहेगी – संजय कुमारयह चिड़िया कहाँ रहेगी – संजय कुमार
बोलो अब मैं कहाँ रहूँगी बच्चे मेरे कहाँ रहेंगें आती है हम सब से कहने अपनी चीं चीं मधुर आवाज[...]
बिन शिक्षक वैभव अधूरा- सुरेश कुमार गौरवबिन शिक्षक वैभव अधूरा- सुरेश कुमार गौरव
शिक्षक की गोद में पलता,उत्थानों का भाव। जिसकी पीठ पकड़ कर चलता,पड़ता देश प्रभाव॥ बोए बीज वही बन जाता,वटवृक्षों का[...]
बड़ा कठिन है रे मन -अवनीश कुमारबड़ा कठिन है रे मन -अवनीश कुमार
(श्रुतिकीर्ति की अंतरवेदना) बड़ा कठिन है रे मन! राजरानी बनकर अवध में रहना, और राजर्षि पति शत्रुघ्न का भ्रातृधर्म निभाने[...]
मोबाइल का जाल – सुरेश कुमार गौरवमोबाइल का जाल – सुरेश कुमार गौरव
मोबाइल आया संग में मिली सुविधा, बढ़ती गई इस विचित्रता की दुविधा। ज्ञान-विज्ञान का खोल के पिटारा, छीन लिया हमसे[...]
जागो, उठो समय है पुकारता – सुरेश कुमार गौरवजागो, उठो समय है पुकारता – सुरेश कुमार गौरव
उठो जवानों, चलो बनाओ, नव युग का इतिहास रचाओ। हौसलों से भर दो धरती और गगन, हर दिशा में करो[...]
मुट्ठी में आकाश करो – कुमकुम कुमारी “काव्याकृतिमुट्ठी में आकाश करो – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति
इक-इक पल है कीमती जानो स्वयं से तुम संवाद करो। व्यर्थ की बातों में उलझकर न वक्त अपना बर्बाद करो।।[...]
प्रगति तुम बढ़े चलो – सुरेश कुमार गौरवप्रगति तुम बढ़े चलो – सुरेश कुमार गौरव
प्रगति तुम बढ़े चलो, नयन स्वप्न गढ़े चलो, अंधेरे हटा के तुम, नयी भोर गढ़े चलो। धरा से गगन तलक,[...]
सुन री दीया – अवनीश कुमारसुन री दीया – अवनीश कुमार
सुन री दीया काश! तू सुन पाती, मेरी विरह-व्यथा समझ पाती। तेरी जलती लौ से, क्या-क्या अनुमान लगाऊं? मद्धिम पड़ती[...]
