Hindi divas

हिन्दी दिवस : रसों की सरिता        सुरेश कुमार गौरव    हिन्दी का श्रृंगार है, जैसे फूलों की मुस्कान, भावों में रस बरसाए, प्रेम भरे अरमान।   वीरों…

पर्यावरण-संगीता कुमारी

पेड़ लगाओ, भविष्य बचाओ पेड़ लगाओ, भविष्य बचाओ, प्रदूषण कम करो, जीवन बचाओ। हरित क्रांति की ओर बढ़ो, पर्यावरण को बचाने का वक्त है। पृथ्वी की पुकार पृथ्वी की पुकार…

भारत के मंत्रिमंडल – उषा कुमारी

हमारे देश का नाम है भारत, इसकी बहुत पुरानी कहानी। नई दिल्ली है भारत की राजधानी।। जुकाम जब कभी आए, हमेशा करे रुमाल का उपयोग करें ना अपने नाक को…

सुखी होगा परिवार- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

रूप घनाक्षरी छंद में पितरों को तिल जल- कुशाग्र अर्पण करें, उनके आशीष से ही, सुखी होगा परिवार। नदियों या तालाबों में- खड़े हो तर्पण करें, सुख शांति हेतु करें,…

जैसी होती भावना- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

जैसी होती भावना मनहरण घनाक्षरी छंद मानने से पत्थर में- मिलते हैं भगवान, दूध में मक्खन सिर्फ, देखे मेरी भावना। दिल की पुकार से तो- मन की मुरादें मिलें, श्रद्धा…

हिंदी मेरी भाषा

“हिंदी मेरी भाषा ”   हिंदी मेरी भाषा है, हिन्दी मेरी आशा है। हिंदी का उत्थान करना, यही मेरी जिज्ञासा है। हिंदी की बोली अनमोल, एक शब्द के की विलोम।…

अँखियाँ भिगोने से- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

मनहरण घनाक्षरी छंद कड़ी धूप खिलने से- परेशानी बढ़ जाती, मौसम बदल जाता, बरसात होने से। मजदूर किसानों की- मेहनत रंग लाती, फसलें उपजतीं खेतों में बीज बोने से। सुबह…