मनहरण घनाक्षरी वर्ण — ८ ,८ ,८ ,७ अंत – लघु , दीर्घ वीणा पाणि मात मेरी , दया मिले[...]
Author: Anupama Priyadarshini
मानव दर्शन – अमरनाथ त्रिवेदीमानव दर्शन – अमरनाथ त्रिवेदी
मानव जीवन से नित आस यही , मिटे भ्रम , भय , कुशिक्षा । सुसंस्कार समाहित हो जग में ,[...]
प्रथम रश्मि – मनु कुमारीप्रथम रश्मि – मनु कुमारी
प्रथम रश्मि का आना रंगिणी! तूने कैसे पहचाना? कहां – कहां हे बाल हंसनि! पाया तूने यह गाना? सोये थे[...]
आज वीरान क्यों है- जयकृष्णा पासवानआज वीरान क्यों है- जयकृष्णा पासवान
आज धरती पर आसमां, वीरान क्यों है। चांद और सितारे, भी तो वहीं है। मगर हवा की सुर्खियां, इतना परेशान[...]
नशा मुक्ति- अमरनाथ त्रिवेदीनशा मुक्ति- अमरनाथ त्रिवेदी
नशा सेवन करने से , कितने घर बर्बाद हुए ? शत्रु जिसको समझा आपने , उसके घर आबाद हुए ।[...]
ठ्काय गेला- जयकृष्णा पासवानठ्काय गेला- जयकृष्णा पासवान
अंगिका आज को दिन कहिन्ह, उदास लागैय छै । वार-वार हमरा कहिन्ह, प्यास लागैय छै ।। ग़रीबी के पसीना हम्म,[...]
भारत के अतुलनीय गौरव (श्री रामानुजन)- मनु कुमारीभारत के अतुलनीय गौरव (श्री रामानुजन)- मनु कुमारी
कोयंबटूर का गांव इरोड वह जहां रामानुजन का जन्म हुआ, खुशियां फैली गली गली में, घर आंगन गुलजार हुआ। भारत[...]
फूल बनूँ- अमरनाथ त्रिवेदीफूल बनूँ- अमरनाथ त्रिवेदी
फूल बनूँ ; काँटें न बनूँ , सबके मन का मीत बनूँ । रगड़ा नही किसी जन से हो ,[...]
मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद रविमनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि
टूटे रिश्ते जिंदगी गुजर जाती, यहां रिश्ते बनाने में, गाँठ पड़ जाते यदि, टूटे-रिश्ते जुड़ते। खूब मजबूत रखें , संबंधों[...]
शराबी पति- नीतू रानीशराबी पति- नीतू रानी
विषय-शराब तर्ज-सजनवां बैरी हो गईल हमार। सजनवां शराबी हो गईल बीमार कतौ सेअ आबै हमरा ऊ मारै, दैय बीछ –[...]
