Author: Anupama Priyadarshini

होनहारहोनहार

0 Comments 3:41 pm

*होनहार* विद्यालय की घंटी अब सुबह-सुबह पुकारती है, नींद भरी आँखों में भी नई राह सँवारती है। बिस्तर से उठते[...]

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गाँव मेरागाँव मेरा

0 Comments 3:38 pm

गांव मेरा भी अब मुस्कुराता नहीं ( ग़ज़ल) गांव मेरा भी अब मुस्कुराता नहीं। आह भरता मगर गुनगुनाता नहीं।। शब्द[...]

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जाऐब हमहूँ स्कूल ( मैथिली बाल कविता)जाऐब हमहूँ स्कूल ( मैथिली बाल कविता)

0 Comments 4:03 pm

बाल कविता माय जाऐब हमहूँ स्कूल , हम छि बगियाक सुन्दर फूल । पढ़ब – लिखब हम नाम कमाऐब, मात[...]

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लोड़ीलोड़ी

0 Comments 9:51 am

लोड़ी सोजा मेरा मुन्ना राजा सुनाऊँ मैं कहानी…. तेरे सपनों में आएगी परियों की रानी …… आजा निंदिया तू चुपके-से[...]

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चलो रे साथी चलो चलोचलो रे साथी चलो चलो

0 Comments 9:47 am

चलो रे साथी चलो चलो… चलो चलो स्कूल चलो… चलो रे साथी चलो चलो… चलो चलो स्कूल चलो… उठाओ बस्ता[...]

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शिक्षकशिक्षक

0 Comments 9:46 am

आओ खेलें खेल,चलगी अब अपनी रेल पढ़ें और लिखेंगे, बनेंगे महान हमको भी तब जानेगा सारा जगत महान करते रहेंगे[...]

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लट्टूवा के नाचलट्टूवा के नाच

0 Comments 9:42 am

लट्टूवा के नाच (बाल कविता) लट्टूवा घुम-घुम घूमेला, धरती पर रंग बनावे। ना थकाला, ना रुक जाला, सबके मनवा बहलावे।[...]

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