। गणतंत्र दिवस। छब्बीस जनवरी का दिन है सुहाना, गणतंत्र हुआ है देश अपना । संविधान का मान बनाए रखना,[...]
Author: Anupama Priyadarshini
वसंत- आस्था दीपालीवसंत- आस्था दीपाली
(हाइकू) १ कोपल मुस्काई- भीनी आम्र-मंजरी में नव-प्राण-स्पंदन। २ पीत-पुष्प खिले- नीरव आँगन के भीतर स्मृति-सरोवर जागा। ३ सरसों हँसी-[...]
अरज है शारदा सेअरज है शारदा से
अरज है शारदा से हे श्वेतपुंज ! हे शारदा! सुन लो विनय हमारी, हम दीन-हीन है पातकी तू पाप पुंज[...]
नारी तू अबला नहींनारी तू अबला नहीं
नारी तू अबला नहीं नारी नहीं तू अबला है तू ही तो सबला है। बिन तेरे सब सूना[...]
| माँ शारदे की महिमा – मुन्नी कुमारी || माँ शारदे की महिमा – मुन्नी कुमारी |
स्व-रचित कविता माँ शारदे की महिमा सुंदर – सुंदर सपना सजाएँ, माँ शारदे की महिमा गाएँ। विद्या से जग को[...]
अभी तो मैं बच्ची हूँअभी तो मैं बच्ची हूँ
अभी तो मैं बच्ची हूँ पापा इतनी क्या है जल्दी, थोड़ा पढ़-लिख जाने दो। अभी तो नन्हीं कली हूं, फूल[...]
| मत छीनों बचपन – बाल विवाह || मत छीनों बचपन – बाल विवाह |
स्व-रचित – कविता मत छीनो बचपन – बाल विवाह 1. नन्हीं सी गुड़िया है, बागों की कलियाँ है। हुआ न[...]
| मैं शिक्षक हूँ || मैं शिक्षक हूँ |
स्व-रचित -कविता मैं शिक्षक हूँ मैं शिक्षक हूँ, हाँ मैं शिक्षक हूँ, राष्ट्र का निर्माता हूँ, ज्ञान का दाता हूँ,[...]
जनवरीजनवरी
जनवरी जब-जब जनवरी है आती, तब-तब ठंडक है लाती; प्राणी घर में दुबके रहते, ठंडक उनको है ठिठुराती। [...]
Primary TeacherPrimary Teacher
“अभी ना ब्याह रचाओ मां “ अभी ना ब्याह रचाओ मां…. मुझे पढ़ लिख जाने दो अपने पैरों पर खड़ी[...]
