VIKAS KUMAR SAW[...]
Author: Anupama Priyadarshini
मेरा इको क्लब परिवारमेरा इको क्लब परिवार
जब धरती माँ की आँखें भर आईं, सूखी नदियाँ, थकी हुई हरियाई… तब नन्हे क़दम आगे बढ़कर बोले— “माँ, अब[...]
कविताकविता
।। तुम हो मेरी रागिनी सी ।। तुम्हारी बोली जैसे मीठी रागिनी सी, अंधेरी रातों में हो तुम मेरी चाँदनी[...]
सच्चे मार्गदर्शन की रोशनीसच्चे मार्गदर्शन की रोशनी
जब थककर बैठ गए थे हम, और लगा — अब आगे क्या? तब किसी ने धीरे से आकर कहा —[...]
*चलें स्कूल**चलें स्कूल*
चलें स्कूल हम हैं सृजन के फूल, चलें स्कूल। चलें स्कूल, चलें स्कूल।। बच्चे हैं हम, सृजन के[...]
गुरु-शिष्य महिमागुरु-शिष्य महिमा
गुरु-शिष्य महिमा गुरु चाणक्य का सानिध्य पाकर, चंद्रगुप्त मिशाल बना; नंद वंश का नाश कर, वह मगध सम्राट बना।[...]
गांधी: देह नहीं, एक विचारगांधी: देह नहीं, एक विचार
यह केवल एक तारीख नहीं, यह आत्मा का मौन है। आज भारत सिर झुकाकर कहता है— बापू, आप अमर हैं, [...]
। गणतंत्र दिवस कविता – मुन्नी कुमारी।। गणतंत्र दिवस कविता – मुन्नी कुमारी।
। गणतंत्र दिवस। छब्बीस जनवरी का दिन है सुहाना, गणतंत्र हुआ है देश अपना । संविधान का मान बनाए रखना,[...]
वसंत- आस्था दीपालीवसंत- आस्था दीपाली
(हाइकू) १ कोपल मुस्काई- भीनी आम्र-मंजरी में नव-प्राण-स्पंदन। २ पीत-पुष्प खिले- नीरव आँगन के भीतर स्मृति-सरोवर जागा। ३ सरसों हँसी-[...]
