गुरु ज्ञान का दीप जले, भारत का तम दूर चले। कक्षा फिर से मुक्त बने, बालक में विश्वास जगे। गुरु[...]
Author: Anupama Priyadarshini
कृष्ण एक बार फिर आओकृष्ण एक बार फिर आओ
कृष्ण एक बार फिर धरा पर आओ, सुदामा से जो मित्रता तुमने की थी, उस मित्रता का राज सबको समझाओ।[...]
होनहारहोनहार
होनहार विद्यालय की घंटी अब सुबह-सुबह पुकारती है, नींद भरी आँखों में भी नई राह सँवारती है। बिस्तर से उठते[...]
हां.. हम हैं आज के शिक्षक।हां.. हम हैं आज के शिक्षक।
हम हैं… आज के शिक्षक पाठ पढ़ाते नहीं केवल, हम बच्चों को सीखना सिखाते हैं, उन्हें प्रश्नों के उत्तर नहीं,[...]
बेटी है मेरा अभिमानबेटी है मेरा अभिमान
“अब तो दीवारें बोलतीं हैं ” गायब हो गई गाँव की वो पगडंडियाँ, जो सीधे स्कूल को जाती। वासंती बयार[...]
माँ !तूँ क्यों गगन की सितारा हो गई?माँ !तूँ क्यों गगन की सितारा हो गई?
कविता- (माॅ!)तूॅ क्यों? गगन की सितारा हो गई । -नूतन झा । जुगनुओं के महफिल की, तूॅ एक तारा हो[...]
धरती माँ का अमर आँचलधरती माँ का अमर आँचल
🌿 धरती माँ का अमर आँचल 🌿 अपने आँचल में अथाह सागर समेटे, माथे पर शीतल चाँद सजाए। अपनी गोद[...]
अमर तिरंगे की पुकारअमर तिरंगे की पुकार
अमर तिरंगे की पुकार स्वतंत्रता-दिवस आया है, हर आँगन उल्लास समाया है। केसरिया, श्वेत, हरा तिरंगा, गर्व से नभ में[...]
नारी : सृष्टि की रचनाकारनारी : सृष्टि की रचनाकार
कन्या! तुम केवल श्रद्धा नहीं, सृष्टि की रचनाकार हो। सुकोमल होते हुए भी, नारी! नर का स्वाभिमान हो। पिछली शताब्दी[...]
अब तो दीवारें बोलती हैअब तो दीवारें बोलती है
“अब तो दीवारें बोलतीं हैं ” गायब हो गई गाँव की वो पगडंडियाँ, जो सीधे स्कूल को जाती। वासंती बयार[...]
