Author: Anupama Priyadarshini

Rakesh Kumar

गुरु की हुंकार-राकेश कुमारगुरु की हुंकार-राकेश कुमार

0 Comments 5:19 pm

गुरु ज्ञान का दीप जले, भारत का तम दूर चले। कक्षा फिर से मुक्त बने, बालक में विश्वास जगे। गुरु[...]

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हां.. हम हैं आज के शिक्षक।हां.. हम हैं आज के शिक्षक।

0 Comments 9:25 pm

हम हैं… आज के शिक्षक पाठ पढ़ाते नहीं केवल, हम बच्चों को सीखना सिखाते हैं, उन्हें प्रश्नों के उत्तर नहीं,[...]

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माँ !तूँ क्यों गगन की सितारा हो गई?माँ !तूँ क्यों गगन की सितारा हो गई?

0 Comments 9:19 pm

कविता- (माॅ!)तूॅ क्यों? गगन की सितारा हो गई । -नूतन झा । जुगनुओं के महफिल की, तूॅ एक तारा हो[...]

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अमर तिरंगे की पुकारअमर तिरंगे की पुकार

0 Comments 9:09 pm

अमर तिरंगे की पुकार स्वतंत्रता-दिवस आया है, हर आँगन उल्लास समाया है। केसरिया, श्वेत, हरा तिरंगा, गर्व से नभ में[...]

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नारी : सृष्टि की रचनाकारनारी : सृष्टि की रचनाकार

0 Comments 9:05 pm

कन्या! तुम केवल श्रद्धा नहीं, सृष्टि की रचनाकार हो। सुकोमल होते हुए भी, नारी! नर का स्वाभिमान हो। पिछली शताब्दी[...]

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अब तो दीवारें बोलती हैअब तो दीवारें बोलती है

0 Comments 11:26 am

“अब तो दीवारें बोलतीं हैं ” गायब हो गई गाँव की वो पगडंडियाँ, जो सीधे स्कूल को जाती। वासंती बयार[...]

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