इको क्लब की टोली आई, खुशियों की रंगोली लाई। हँसी-मस्ती की चली फुहार, होली लाई खुशियाँ अपार। सोनाक्षी लाई गुलाल[...]
Author: Anupama Priyadarshini
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हे नारी, तू नारायणी है, डर मत तू झाँसी की रानी है, डट कर सामना कर, मनुष्य रुपी दानवों का[...]
आया बसंत आया बसंतआया बसंत आया बसंत
आया बसंत आया बसंत आया बसंत आया बसंत सबके मन को भाया बसंत दादूर मोर पपीहा[...]
ऋतुराज के आगमन परऋतुराज के आगमन पर
ऋतुराज के आगमन पर निकल उठीं हैं दिवा-रश्मियां नव प्रभात, नव यौवन मन छाया है, स्वागत के लिए कूक[...]
एक दिन का सम्मान या हमेशा?एक दिन का सम्मान या हमेशा?
“एक दिन का सम्मान या हमेशा?” “मैं शिक्षक हूँ — और यह मेरी कहानी है” मैं शिक्षक हूँ… हाँ, वही[...]
*गुरु-शिष्य महिमा**गुरु-शिष्य महिमा*
गुरु-शिष्य महिमा गुरु चाणक्य का सानिध्य पाकर, चंद्रगुप्त मिशाल बना; नंद वंश का नाश कर, वह मगध सम्राट बना।[...]
मेरा इको क्लब परिवारमेरा इको क्लब परिवार
जब धरती माँ की आँखें भर आईं, सूखी नदियाँ, थकी हुई हरियाई… तब नन्हे क़दम आगे बढ़कर बोले— “माँ, अब[...]
कविताकविता
।। तुम हो मेरी रागिनी सी ।। तुम्हारी बोली जैसे मीठी रागिनी सी, अंधेरी रातों में हो तुम मेरी चाँदनी[...]
सच्चे मार्गदर्शन की रोशनीसच्चे मार्गदर्शन की रोशनी
जब थककर बैठ गए थे हम, और लगा — अब आगे क्या? तब किसी ने धीरे से आकर कहा —[...]
