उसे नित्य सींचिए – एस.के.पूनम

विधा:-मनहरण घनाक्षरी कानन से वृक्ष कटे, शीत भरी छाया हटे, तप्त हुई वसुंधरा,नीर मत पीजिए। यत्र-तत्र कूडादान, चल पड़ा अभियान, गंदगी से मिले मुक्ति,निर्णय तो लीजिए। मेघपुष्प सूख रहे, जीव-जंतु…

पिता – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

पितृ दिवस पर आज सभी, करते पितृ को याद। पाकर आशीष पितृ से,होते खुश औलाद।। मात-पिता के स्थान का,करता जो नित ध्यान। बिन पोथी के ज्ञान ही,मिलता उसे सम्मान।। रहता…

विवाह वर्षगांठ – मनु कुमारी

मनहरण घनाक्षरी कवित्त छंद अचल सुहाग भाग, ईश्वर आशीष प्राप्त, पिया जी के साथ रहूँ,यही वर मांगती। भरे- पूरे रहें सब, मायका व ससुराल, सजल सुहाग भाग, दिन रैन चाहती।…

कसक किसानों की – एस.के.पूनम

🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण घनाक्षरी (कसक किसानों की) लालिमा के संग जागे, टोकरी उठाए भागे, ढूंढ रहे फलियों में,श्रमदान महानों की। पग धरे तप्त धरा, सूख गए बाग हरा, कृषक…