विषय -नववर्षक त्योहार शीर्षक -स्कूल खुलल हमार हे बहिना कोना मनाएब नव वर्षक त्योहार हे स्कूल खुलल येअ हमार हे ना। पिया हमर बसै छथिन परदेश नववर्ष में कोना एथिन…
Author: Anupama Priyadarshini
नूतन वर्ष – अशोक कुमार
नूतन वर्ष की पावन बेला, खुशियों का अलबेला, सारे शिकवे भूले, आओ हम सब गले मिलें|| अग्रिम पथ पर बढ़ चलें, राह मुश्किल बहुत है, संभल संभल कर चलें, कभी…
नया साल – डा. मनीष कुमार शशि
जशन ऐसा मनाओं नये साल में। कि इतिहास गवाह बन रास्ता सजाए ll हो न नफरत कहीं प्यार ही प्यार हो। सबको प्यार से लगाओ नये साल में।। ग़म ज़दा…
प्रेम भरी वाणी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
ठोस परिणाम हेतु काम आता अनुभव, बीमारों को पथ्य वास्ते, चावल पुरानी हो। जीवन में सोच कर कदम बढ़ाएं सदा, हर शुभ कार्य हेतु जोश व जवानी हो। निराशा-आलस्य नहीं…
ठंड का प्रकोप- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
पशु पक्षी सरीसर्प बैठे हैं दुबक कर, आज आधा भारत है शीत की आगोश में। कड़ाके की ठंडक से हाथ पैर जम रहा, हिम नर बनाने को प्रकृति है रोश…
दोहावली- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
पावन शुचिमय भाव रख, रचें नवल संसार। दे सबको नव वर्ष शुभ, खुशियों का उपहार।। द्वेष पुराना भूलकर, करिए नेक विचार। स्वागत हो नव वर्ष का, लेकर खुशी अपार।। खुशियाँ…
प्रेम उपहार-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद सबकी बनाए भाल चौबीस का नया साल, साथियों के लिए लाए, खुशियां अपार है। आप सभी छोटे बड़े रहते हैं साथ खड़े, आपकी दुआएं हमें, दिल से…
वीर बाल दिवस – नीतू रानी
दो वीर बालक आज है वीर बाल दिवस का दिन आज का दिन है बड़ा महान, आज हीं दो छोटे-छोटे बालक हँसते-हँसते दी वो अपनी जान। एक का नाम था…
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
शीत मास में हम सभी, रखें गात का ध्यान। स्वस्थ देह सद्कर्म ही, सुखद शांति संज्ञान।। दस्तक दी है शीत ने, ओढ़ रजाई प्रीति। हों सेवन रवि-रश्मि का, यही सुखद…
झूठी शान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
जब कोई बेसहारा पाता हो सहारा नहीं, दिखावे को महलों में रखते हैं बाँध स्वान। सोने हेतु काफी होता दो गज जमीन जब, क्या फायदा रहने को, भवन हो आलिशान?…