Author: Anupama Priyadarshini

Jainendra Prasad Ravi

बगिया के फूल – जैनेन्द्र प्रसाद रविबगिया के फूल – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 8:46 pm

विद्या:-रूप घनाक्षरी छंद बच्चें लगें फूल ऐसे गेंदा व गुलाब जैसे, खिले खिले चेहरे पे, दिखते जब मुस्कान। परियों की[...]

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राक्षस बेटा – नीतू रानीराक्षस बेटा – नीतू रानी

0 Comments 9:18 am

सच्ची घटना राक्षस बेटा एक माँ दी अपने बेटे को जन्म बेटे के लालन-पालन में खुद को रखी व्यस्त हरदम,[...]

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Jainendra Prasad Ravi

कन्हैया की बाँसुरी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’कन्हैया की बाँसुरी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:16 am

कन्हैया की बाँसुरी मनहरण घनाक्षरी छंद “”””””””””””””””””””””” नैन कजरारे काले सिर लट घुंघराले, सबकी लुभाता मन, सूरत ये सांवरी। मोहक[...]

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S K punam

चहुँओर बजे साज – एस.के.पूनमचहुँओर बजे साज – एस.के.पूनम

0 Comments 9:14 am

🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 रूपघनाक्षरी (चहुँओर बजे साज) लाडली हमारी चली, बाबूल का घर छोड़, जिसकी दुहाई देता,हुई है पराई आज।[...]

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Manu Raman Chetna

वीणा को बजाइए – मनु रमण चेतनावीणा को बजाइए – मनु रमण चेतना

0 Comments 8:31 pm

शारदे भवानी मैया,भंवर में मेरी नैया, करि कृपा मेरी नाव,पार भी लगाईये। श्वेत वस्त्र धारिणी मां,विद्या वर दायिनी हो ,[...]

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Kumkum

मंदाक्रांता छंद – कुमकुम कुमारी “काव्याकृतिमंदाक्रांता छंद – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति

0 Comments 8:28 pm

हे वागीशा, हृदय तल से,तुझे माँ मैं बुलाऊँ। आ जाना माँ, सुन विनय को,आस तेरे लगाऊँ। है ये वांछा, चरण[...]

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Devkant

हे स्वर की देवी माँ – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’हे स्वर की देवी माँ – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 8:25 pm

हे स्वर की देवी माँ, वाणी मधुरिम कर दो। मैं दर पर आया हूँ, शुचि ज्ञान सुमति वर दो।। इंदीवर[...]

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धन्य सुपौल जिला रे- नीतू रानीधन्य सुपौल जिला रे- नीतू रानी

0 Comments 7:28 pm

विषय- महर्षि आशुतोष महाराज। संत सोहर गीत धन्य गुरु गाम पिपराही से धन्य सुपौल जिला रे, ललना रे धन्य माता[...]

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पाकिस्तानियों का दर्द – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”पाकिस्तानियों का दर्द – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 7:25 pm

अब सुनो हमारी सरकार अपनी आवाम की पुकार कुछ करो काम निर्माण का मिले जन-जन को रोजगार। आजाद हुए हुआ[...]

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Mukesh Kumar Mridul

भारत-वंदना – मुकेश कुमार मृदुलभारत-वंदना – मुकेश कुमार मृदुल

0 Comments 3:35 pm

तेरी माटी रोली – चंदन भारत भूमि तुझे शत वंदन सुषमाओं से है संपूरित देव यहां पर हुए अवतरित मुनियों[...]

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