सुन ओ गुड़िया,सुन ओ मुनिया बदली बदली है यह दुनिया। आंखों में कुछ सपने गढ़ ले गुड़िया मुनिया तू भी पढ़ ले। जीवन होगा सुखद सलोना खुशियों से तू दामन…
Author: Anupama Priyadarshini
सर्दी – अनुप्रिया
गर्मी दीदी के जाते ही सर्दी रानी आयी। हमें सताती हमें डराती रौब जमाती आयी। हमें बचाने को हैं उनसे रजाई भाई आये। उनके पोते स्वेटर-मफलर भी तशरीफ लाये। फिर…
सुनैय तबनह- जयकृष्णा पासवान
हमरो बतिया सुनैय तबनह, आपन गीत गबैय छै । गांव के मुखिया वार्ड कमिश्नर मोच पे तांव दिखाबैय छै ।। गांव के विकास घुरी घुरी क, गली कुची हटाबैय छै।…
प्रेम बड़ा अनमोल रतन है-मीरा सिंह “मीरा
प्रेम से हुआ जग रोशन हैं जीवन लगता सुखद सपन है। दुनिया लगती बहुत सुहानी प्रेम बड़ा अनमोल रतन है।। करें जहां पर प्रेम बसेरा दूर वहां से दुख का…
बस इतनी सी चाह- नीतू रानी
बस इतनी सी चाह, हम हो जाते लापरवाह। बस इतनी सी चाह, जब रास्ते चलने लगते हैं तो भटक जाते अपनी राह । बस इतनी सी चाह, जब पानी में…
बेटियाँ -जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद पढ़ लिख कर बेटी, पैरों पर खड़ी होती, माता-पिता को भी होती, आसानी सगाई में। विचार बदलकर, घर से निकल गई, चूड़ी की जगह ले ली, कलम…
भारत विविधताओं में भी एकता का प्रतीक’-सुरेश कुमार गौरव
भारतीय संस्कृति का सदा बजता रहा है, विश्व में डंका, भारतीय जनमानस में क्या रहनी चाहिए कोई भी शंका? जहां देश से भी ऊपर माना जाता है, एक संविधान, यहां…
मंगलमय दिन आजु हे-नीतू रानी
आप सबों को टीचर्स आॅफ बिहार के चतुर्थ वर्षगाँठ पर हार्दिक शुभकामना एवं बहुत- बहुत बधाई। विषय-वर्षगाँठ शीर्षक-मंगलमय दिन आजु हे। मंगलमय दिन आजु हे चतुर्थ वर्षगाँठ छैन आओल, गाबू…
शांति का विकल्प-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
मनहरण घनाक्षरी छंद जब कभी युद्ध होता, शांति को मानव खोता, द्वंद में विनाश छिपा, संतों का है कहना। प्रेम भाईचारा जैसा, लड़ाई विकल्प नहीं, शांति प्रिय लोग चाहें, मिलजुल…
बाल श्रमिक की व्यथा-सुरेश कुमार गौरव
शिक्षा के मंदिर में जाऊं तो जाऊं कैसे! जैसे सब बच्चे हाजरी लगाते हैं जैसे!! है मजबूरियां मेरी और जिम्मेदारियां भी! शिक्षा के रोज गीत गाने का इरादा बदल गया!!…