Author: Anupama Priyadarshini

Jaykrishna

सुनैय तबनह- जयकृष्णा पासवानसुनैय तबनह- जयकृष्णा पासवान

0 Comments 10:06 am

हमरो बतिया सुनैय तबनह, आपन गीत गबैय छै । गांव के मुखिया वार्ड कमिश्नर मोच पे तांव दिखाबैय छै ।।[...]

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प्रेम बड़ा अनमोल रतन है-मीरा सिंह “मीराप्रेम बड़ा अनमोल रतन है-मीरा सिंह “मीरा

0 Comments 7:45 pm

प्रेम से हुआ जग रोशन हैं जीवन लगता सुखद सपन है। दुनिया लगती बहुत सुहानी प्रेम बड़ा अनमोल रतन है।।[...]

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Jainendra Prasad Ravi

बेटियाँ -जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बेटियाँ -जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 12:16 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद पढ़ लिख कर बेटी, पैरों पर खड़ी होती, माता-पिता को भी होती, आसानी सगाई में। विचार बदलकर,[...]

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Suresh kumar gaurav

भारत विविधताओं में भी एकता का प्रतीक’-सुरेश कुमार गौरवभारत विविधताओं में भी एकता का प्रतीक’-सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 12:14 pm

भारतीय संस्कृति का सदा बजता रहा है, विश्व में डंका, भारतीय जनमानस में क्या रहनी चाहिए कोई भी शंका? जहां[...]

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मंगलमय दिन आजु हे-नीतू रानीमंगलमय दिन आजु हे-नीतू रानी

0 Comments 8:01 pm

आप सबों को टीचर्स आॅफ बिहार के चतुर्थ वर्षगाँठ पर हार्दिक शुभकामना एवं बहुत- बहुत बधाई। विषय-वर्षगाँठ शीर्षक-मंगलमय दिन आजु[...]

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Jainendra Prasad Ravi

शांति का विकल्प-जैनेन्द्र प्रसाद रविशांति का विकल्प-जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 7:59 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद जब कभी युद्ध होता, शांति को मानव खोता, द्वंद में विनाश छिपा, संतों का है कहना। प्रेम[...]

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suresh kumar gaurav

बाल श्रमिक की व्यथा-सुरेश कुमार गौरवबाल श्रमिक की व्यथा-सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:52 pm

शिक्षा के मंदिर में जाऊं तो जाऊं कैसे! जैसे सब बच्चे हाजरी लगाते हैं जैसे!! है मजबूरियां मेरी और जिम्मेदारियां[...]

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Jainendra

सुहाना मौसम- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’सुहाना मौसम- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:33 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद सरसों के फूलों पर, तितली है मँडराती, बहारों के आने पर, हँसता चमन है। झूमती खुशी में[...]

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