रे! सर्दी का प्रहर, अब और ना ठहर! क्यों गरीबों के सिर पर तू, ढा रहा है कहर। रे सर्दी का प्रहर।। ठिठुर रहे हैं बच्चे बूढ़े, तन पर झूल…
Author: Anupama Priyadarshini
सुहाना मौसम- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद सरसों के फूलों पर, तितली है मँडराती, बहारों के आने पर, हँसता चमन है। झूमती खुशी में डाली, खेतों बीच हरियाली, कोयल की तान सुन, खिला तन…
ह्रदय की पुकार- अमरनाथ त्रिवेदी
ह्रदय की पुकार पर , बढ़े चलो -बढ़े चलो । मन कभी विचलित भी हो , तुम भटक गए पथिक भी हो । सुनो हमेशा अपनी पुकार पर , रुको…
डाॅक्टर के पास- नीतू रानी
विषय-जाति गणना जाति गणना कार्य करते हुए लगी ठंड , दाहिने हाथ और पीठ में उठा भयानक दर्द। इसी भयानक दर्द पर करती रही जाति गणना कार्य, जब दर्द मैं…
ठंड कटे कोट से- एस.के.पूनम
विद्या:-मनहरण घनाक्षरी निकली है हल्की-हल्की, कहीं धूप-कहीं छांह, मौसम बेदर्द बना,पवन की चोट से। ताक-झांक कर रहा, बारबार झरोखों से, लालिमा दिखती नहीं,बादलों के ओट से। बूंदाबांदी होती रही, भरा…
अग्निवीर- सुरेश कुमार गौरव
ये जीवन अग्निपथ ! इस जीवन का है सुगम-पथ अहिंसा-पथ जीवन का है, सबसे अच्छा सु-पथ। हिंसा सभ्य समाज की नहीं रही है कभी सोच कैसे देश आगे बढ़े यही…
“मानवी”- सुरेश कुमार गौरव
हुई धरा पर जब से मैं अवतरित,श्रद्धा का पूरा आवरण हूं, नाम धराया “मानवी” व “अंशिका”,इसी का मैं अन्त:करण हूं, सबकी गोद में खेलती-देखती, चहुंओर बांटती खूब ममता सबके मन…
कर्त्तव्य के आलोक पथ पर – अमरनाथ त्रिवेदी
कर्त्तव्य के आलोक पथ पर , कुछ दीया मैं भी जला दूँ । सज दूँ इसे अवली बनाकर , प्रेमपथ में भी सजा दूँ । नेह सारे मिल गए ,…
पाप कर्म से डरें- एस.के.पूनम
विद्या:-मनहरण घनाक्षरी सीताराम-सीताराम,नयनाभिराम राम, प्रातःकाल नाम लेके,सूर्य को नमन करें। संसार है आलोकित,सूरज के प्रकाश से, ऊर्जा का संचार कर,तन का पीड़ा हरे। रौशन है हर राह,धूंध का निशान नहीं,…
मछली रानी- ब्यूटी कुमारी
मछली रानी बड़ी सयानी मत कर तू मनमानी। कितने सुंदर शल्क हैं तेरे कोमल तन को ढकता। गिल्स से सांस लेती हो तुम प्यारी प्यारी आंखें तेरी। कभी पानी के…