हृदय की गांठ खोलता ज्ञान -मीरा सिंह “मीरा”

ज्ञान खुशी का एक पिटारा ज्ञान बनाए जीवन न्यारा। करें जहां पर ज्ञान बसेरा रहता नहीं दुखों का डेरा। हृदय की गांठ खोलता ज्ञान खुशियों का लगे रोशनदान। झिलमिल करती…

हमारा पहनावा हमारी संस्कृति- धीरज कुमार

हर भारत के वासी है, भारतीयता है पहचान हमारी। दुनिया के लोगो के बीच पहनावे से होती पहचान हमारी।। पश्चिमी फैशन को अपनाना यदि शौक है हमारी। भारतीय संस्कृति की…

मकर संक्रांति का महत्व- विवेक कुमार

आज पवन दिन है आया, राशि परिवर्तन संक्रांति कहलाया, दही चुरा और तिल है लाया, गुड़ में मिलकर मन को भाया, सुख समृद्धि घर-घर में छाया, रिश्तों में मजबूती लाया,…

पिता एक संपूर्ण विकास प्रदाता- सुरेश कुमार गौरव

पिता एक अस्तित्व हैं जिसके रहने से स्थायित्व का बोध होता है घने वृक्ष की छाया में शांति का अनुभव होता है यानी दृढ़ स्थित प्रतिज्ञ कर्ता! धीरज ,धैर्य और…

अंगिका गीत- जयकृष्णा पासवान

दही चूड़ा चीनी आलूदम हो, हमरा नामन लगैय छै। नामन लगैय छै हमरा…२।। देखैल चलो मसूदन के द्वार- हो… हमरा नामन लगैय छै।। परबो तिहारो म पूजा-पाठ करला । देवीआरु…

मौसम का असर- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

मनहरण घनाक्षरी छंद दही-चूड़ा,तिल खा के, सूरज है अलशाया, कुहासे में दिखता है, धुंधला गगन है। पेड़ों की डालियों से शबनम टपक रही, बह रही मंद-मंद, शीतल पवन है। झरोखे…