सपने को साकार करें हम – अमरनाथ त्रिवेदी

सपने को साकार करें हम गलत बातों में कभी  नहीं पड़ेंगे, अपने  सपने को  साकार करेंगे । हर पल चिता छोड़ हम चिंतन को ध्याएँ , हर  मुश्किल  से चिंतन…

बचपन अपना – प्रहरणकलिका छंद – राम किशोर पाठक

बचपन अपना – प्रहरणकलिका छंद हरपल सबसे मिलकर कहते। हम-सब अपने बनकर रहते।। बरबस कुछ भी कब हम करते। सुरभित तन से मन सब हरते।। बचपन अपना अभिनय करता। बरबस…

हमें तरु-मित्र बनना होगा- राम किशोर पाठक

हमें तरु-मित्र बनना होगा नया सोपान गढ़ना होगा। हमें तरु-मित्र बनना होगा।। दादा के रोपें पेड़ों से, हमने है कितने काम लिए। ठंडी छाँव संग फल खाकर, झूला भी हम-सब…

गुरुत्वाकर्षण का नियम- गिरींद्र मोहन झा

गुरुत्वाकर्षण का नियम गुरु शब्द में ‘त्व’ प्रत्यय के योग से बना शब्द गुरुत्व, जो अपना गुरुत्व सदा कायम रखे, है उसी का प्रभुत्व, गुरुत्व शब्द का शाब्दिक अर्थ है…

भोला तुम बिन न कोई सहारे – अमरनाथ त्रिवेदी

भोला तुम बिन न कोई सहारे जग  में प्रभु तेरा   नाम है भोला  , तुम  जग  के   हो     रखवारे। भक्त  तुम्हारे  सुमिरन   करते , भोला तुम बिन न कोई सहारे…

अमर रहेगा नाम तुम्हारा- प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक

अमर रहेगा नाम तुम्हारा- प्रदीप छंद गीत अमर रहेगा नाम तुम्हारा, ऐसा तेरा काम है। सीमा रक्षा करने वाले, तुझको सदा सलाम है।। विजय दिवस हम मना रहें हैं, आओ…

बिना विचारे नहीं करें – अमरनाथ त्रिवेदी

बिना विचारे नहीं करें बिना   विचारे  नहीं  करें  जीवन  में कोई काम , ऐसा यदि नहीं  किया   तो  होगा  बुरा  अंजाम । देख सुनकर सोच बढ़ाएँ , विचारों में अव्वल…

हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् – राम किशोर पाठक

हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् भजेऽहम् पद पंकज सुंदरम्। हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम्।। त्रिविध ताप निवारण जायते। शरण शंभु मनोहर भायते। आदि अनादि सौम्य सुरेश्वरम्। हरि भजे शिव शंभु…