गुरुजन गुरुजन होते हैं सदा, जीवन की पतवार । उनसे ही हम सीख कर, रचते नव संसार । रचते नव संसार, समय पर खरे उतरते । सीख बने वरदान, पंथ…
Author: Ram Kishor Pathak
जगत में गुरु से न कोई महान- अमरनाथ त्रिवेदी
जगत में गुरु से न कोई महान ज्ञान है मिलता गुरु कृपा से , मिलता हर भय से त्राण । वंदे तू गुरु की कीमत जान । जगत में …
हे गुरु- स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
हे गुरु हे गुरु स्वीकार करना इक नमन संस्कार रे मन, जागने के फन का तू ही है मेरा आधार रे मन, स्वर्ण आभा स्वर्ग सुख या हो जगत आधार…
साक्षात भगवान – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
साक्षात भगवान **†***†****†*****†*****† करते हम गुरु वंदना,धर चरणों का ध्यान, जिनकी कृपा कटाक्ष से,मिटे सकल अज्ञान। गुरु कृपा से सर्वसुलभ, ज्यों करते गुणगान। शरणागत हो जाते हीं, तजकर निज अभिमान।…
वंदन गुरु का करते सारे – अंजनेय छंद गीत- राम किशोर पाठक
वंदन गुरु का करते सारे – अंजनेय छंद गीत गुरुवर तेरे वैभव न्यारे। वंदन गुरु का करते सारे।। जो जन शरण तुम्हारी आते। पीड़ा मन की सहज भगाते।। सबको वर…
गुरु – रुचिका
गुरू अज्ञानता के गहन तिमिर से, ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाए। मन के भीतर के तमस मिटाकर, रोशनी चारों ओर पहुँचाए। गुरू के दिये ज्ञान से हमारा जीवन…
गुरु पूर्णिमा – मनु कुमारी
गुरु पूर्णिमा पावन दिन है आज का ,जन्म लिए ऋषि व्यास। तीन लोक नौ खंड में ,मानो हुआ उजास।। वेदों,की रचना किये,लिखे जगत का सार। कहती श्रीमद्भागवत, गुरु हैं अगम…
देवभाषा संस्कृत – अमरनाथ त्रिवेदी
देवभाषा संस्कृत उन्नति हो नित देवभाषा की , हो तब नित जीवन की आस । प्रेम , सद्भाव , विश्वास जगत में , हो तब हर जन के पास…
फिर संस्कृत अपनाइए – दोहावली – राम किशोर पाठक
फिर संस्कृत अपनाइए – दोहावली फिर संस्कृत अपनाइए, यह संस्कृति की जान। इस भाषा के अन्त: में, भरा पड़ा विज्ञान।।१।। अपनी संस्कृति बचाएँ, दे संस्कृत को मान। इसके अंदर है…
संस्कृत वह शिक्षण की भाषा – अमरनाथ त्रिवेदी
संस्कृत वह शिक्षण की भाषा संस्कृत इतनी सरल , सहज भाषा , उच्चारण मात्र से देव समक्ष हम पाते हैं । खुशियाँ मिलती हैं भर भर कर , शोले ,…