गुरु पग गहकर- सुपवित्रा छंद वार्णिक हम-सब हरपल, सफल यहाँ हैं। सबल प्रबल बन, मगन जहाँ हैं।। सरस सहज सब, गजब कहाँ है। हितकर गुरु जब, सजग वहाँ है।। पथ…
Author: Ram Kishor Pathak
हम शिक्षक राष्ट्र प्रणेता हैं – राम किशोर पाठक
हम शिक्षक राष्ट्र प्रणेता हैं हम शिक्षक राष्ट्र प्रणेता हैं। हम पल-पल के अध्येता हैं।। हम ही समाज के नेता हैं। दुख दर्द सभी के क्रेता हैं।। हम नवल राह…
मन के अपने सूने गगन से- अमरनाथ त्रिवेदी
मन के अपने सूने गगन से मन के अपने सूने गगन से , पूछ क्यों कुछ करता नहीं है । क्या तेरा हौसला खो गया , तुमसे आग पानी में…
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस- राम किशोर पाठक
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस अंतरिक्ष की बात अलग है, इसकी सीमा ज्ञात नहीं। धरती अम्बर संग मिलें तो, बदले कुछ हालात कहीं।। अगणित तारें ग्रह नक्षत्र, नभ में दिखते रहते हैं।…
एक पेड़ माँ के नाम- नीतू रानी
विषय -एक पेड़ माँ के नाम। एक पेड़ माँ के नाम, है माँ तुझे सलाम। बच्चे लगाएँ पेड़ पेड़ में फलेंगे आम। एक पेड़ माँ ——-2। एक पेड़ पापा के…
अंतरिक्ष की सैर- रंजीत कुमार
Teacher’s of Bihar द्वारा आगामी 23 अगस्त को मनाये जाने वाले राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर बाल तुकबंदी अंतरिक्ष की सैर आज यह बात जान लो मुनिया। अंतरिक्ष की…
मेरा गाँव- राम किशोर पाठक
मेरा गाँव- गोपी छंद शहर में जो रहने वाले। आज बनते हैं मतवाले।। गाँव का मैं रहने वाला। समझते हैं भोला भाला।। बात बताऊँ गाँव की मैं। अपनों की उस…
रोग का निदान- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
रोग का निदान! आइए हवा भरे। संग-संग में चरे।। भागते विहान में। शांत आसमान में।। ∆ स्वेद पूर्ण देह से। मित्र के सु-नेह से।। रोम प्राणवान है। रोग का निदान…
भारत के अग्निवीर – गीत – राम किशोर पाठक
भारत के अग्निवीर – गीत शूर वीर हैं धरती के हम, लिखते हौसलों से तकदीर। हम पीछे हटना क्या जानें, हम हैं भारत के अग्निवीर।। गद्दारों पर मेरी रहती, पैनी…
भ्रष्टाचार – तमाल छंद गीत – राम किशोर पाठक
भ्रष्टाचार – तमाल छंद गीत किया सभी ने सद्कर्मों से, बैर। भ्रष्टाचार जहाँ फैलाया, पैर।। मुश्किल करना होता अब तो, काम। जीवन का अब अंग बना है, दाम।। चाहत सबकी…