नाता अटूट है- बहन और भाई, रेशम का धागा औ’ भाई की कलाई, बहन के लिए क्या-क्या सौगातें आयीं, प्रेम की, रक्षा की, कितनी खुशहाली छायी, राखी के ऋण से…
Author: Ram Kishor Pathak
भाई बहना संग में- महाधरणी छंद गीत- राम किशोर पाठक
भाई बहना संग में- महाधरणी छंद गीत महिमा जिसकी गा रहे, लाया वह मनुहार है। प्रेम भरा अनुराग ले, आया यह त्यौहार है।। रिश्ते होते हैं बँधे, सदा प्रीत की…
उम्मीदों का फूल खिलाने सावन आया- कुण्डलिया – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
उम्मीदों का फूल खिलाने सावन आया: कुंडलिया “”””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””‘”” आया सावन झूमकर, हर्षित हुए किसान। हरी-भरी यह भूमि हो, यही हमारी आन।। यही हमारी आन, सदा गुण ऊर्जा भरिए। रिमझिम सौम्य…
गुरु पूर्णिमा -दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
गुरु पूर्णिमा – दोहावली “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” जन्म दिवस गुरु व्यास के, चरण कमल प्रणिपात। जिनके शुभ आशीष से, जीवन हो अवदात।। गुरु उत्सव की पूर्णिमा, लाएँ नव संकल्प, श्रद्धायुत विश्वास का,…
मित्रता रूपी कमल हैं खिलते – अमरनाथ त्रिवेदी
मित्रता रूपी कमल हैं खिलते मित्रता की भी अलग जुबानी , बोले समयानुसार कटु मृदु बानी। कटु बानी भी मित्र के भले के होते , इससे मित्र कभी सही दिशा…
कलम का सिपाही- मुक्तक – राम किशोर पाठक
कलम का सिपाही- मुक्तक कलम का कोई सिपाही है कहा। मुफलिसी आटा गिला करता रहा।। चाँद तारे रौशनी करते रहें। राय धनपत जुगनुओं को हीं गहा।।०१।। निर्मला सेवासदन ने कुछ…
मित्रता जीवन की अनमोल निधि – अमरनाथ त्रिवेदी
मित्रता जीवन की अनमोल निधि मित्रता जीवन की अनमोल निधि है , यह एक दूसरे से जुड़ने की विधि है । मित्रता वह अमूल्य रतन है , इसे तोल कब…
जिसको मित्र बनाया है – लावणी छंद गीत – राम किशोर पाठक
जिसको मित्र बनाया है – लावणी छंद गीत आँख खोलकर इस भूतल पर, ज्यों हमने मुस्काया है। रिश्ते नाते हमने जग में, खुद पर खुद ही पाया है।। सबने बतलाया…
मित्र – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
मित्र! मित्र सरल है मित्र सहज है, मित्र पीयूष अनुराग परम है। मित्र हैं दिल के राज सारथी, तपिश में सहज सुबास मित्र है। आनन्द के पथ में आनंदित, तप्त…
दोहावली- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
दोहावली “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” बहें भावना में नहीं, कभी सहजता भाव। हीन कलुषता त्याग कर, बनें कर्म की नाव।।०१ भावों में भीगें सदा, मत बह जाएँ आप। धैर्य भाव के ज्वार की,…