Author: Dr Snehlata Dwivedi

मंजिल बुला रही है मोहम्मद आसिफ इकबालमंजिल बुला रही है मोहम्मद आसिफ इकबाल

0 Comments 6:31 pm

| मंज़िल बुला रही है | क्यों मुरझाए बैठे हो? शीष झुकाए बैठे हो! देखो मंजिल बुला रही है, बाँध[...]

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Jainendra

छुआछूत-जैनेंद्र प्रसादछुआछूत-जैनेंद्र प्रसाद

0 Comments 6:24 pm

छूआछूत कोई नहीं छोटा बड़ा, सबको समान गढ़ा, आमिर-गरीब होना, तो मात्र संजोग है। ईश्वर की रचना में- विविध प्रकार[...]

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Girindra Mohan Jha

ऊंचाई भी क्या चीज-गिरिंद्र मोहन झाऊंचाई भी क्या चीज-गिरिंद्र मोहन झा

0 Comments 1:08 pm

ऊंचाई भी क्या चीज होती है, आकाश की ऊंचाई से देखो, धरती पर के शिला-गिरि छोटे दिखाई देते हैं, धरती[...]

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Ram Kishore Pathak

आप संग रहें -रामकिशोर पाठकआप संग रहें -रामकिशोर पाठक

0 Comments 5:21 pm

आप संग रहे- छंद वार्णिक २१२-११२, २२१-२१ अंग-अंग कहे, पाया निखार। आप संग रहे, भाया विचार।। भूल चूक किया, स्वीकार[...]

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आभूषण -रामपाल प्रसाद सिंहआभूषण -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 5:18 pm

मनहरण घनाक्षरी आभूषण कंदरा गुफाओं बीच,नारी रही नर खींच, कल्पना में डूबा नर ,नारी को सजाने में। पत्थरों को घिसकर,भावना[...]

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Jainendra

आभूषण -जैनेन्द्र प्रसाद रविआभूषण -जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 5:15 pm

आभूषण मनहरण घनाक्षरी छंद सदियों से मानव को, लुभाता है चकाचौंध, नर-नारी सभी को ही, आभूषण भाता है। सभी धनवान[...]

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Jainendra

श्यामला सवारियां -जैनेंद्र प्रसाद रविश्यामला सवारियां -जैनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 2:13 pm

श्यामला सांवरिया एक दिन श्यामा प्यारी, साथ में सहेली सारी, पानी भरने को गई, गोकुल नगरिया। पहले तो घबराई, फिर[...]

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ॐ कृष्णय नमः -एस के पूनमॐ कृष्णय नमः -एस के पूनम

0 Comments 2:10 pm

ॐ कृष्णाय नमः विधा:-मनहरण स्वयं भूखे रह कर, पूत का भरतीं पेट, शयन में सोचती हूँ,कहाँ से अन्न लाऊँ। श्रम[...]

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