Author: Dr Snehlata Dwivedi

जैनेंद्र प्रसाद -महिमा अपारजैनेंद्र प्रसाद -महिमा अपार

0 Comments 11:35 am

महिमा अपार है मंदिरों में भीड़ भारी,दरस को नर-नारी, श्रद्धालुओं से है पटा, मांँ का दरबार है। दीप-धूप जले ज्योति,[...]

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महादेवी स्त्रोत – राम किशोर पाठकमहादेवी स्त्रोत – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:30 am

महादेवी स्त्रोत नमो दिव्यै निराकारा । महा दिव्यै शिवाकारा।। त्वमेका दृष्टि पथ गामी त्वमेका सृष्टि अविरामी त्वयि सीता च सावित्री[...]

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डॉ पूनम कुमारी- ब्रह्मचारिणी मांडॉ पूनम कुमारी- ब्रह्मचारिणी मां

0 Comments 7:19 pm

माता का दूसरा दिन ब्रह्मचारिणी माता तेरे चरणों की धूल, मेरे आंचल में खिल जाएं फ़ूल तुम बिन ना कोई[...]

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Snehlata dwedi

ब्रह्मचारिणी मां -डॉ स्नेहलता द्विवेदीब्रह्मचारिणी मां -डॉ स्नेहलता द्विवेदी

0 Comments 7:12 pm

ब्रह्मचारिणी माँ नमः शिवा ज्ञान ध्यान की प्रभा, तपस्विनी महातपा। जपे तू कोटि मन्त्र जा, नमः शिवा नमः शिवा। सहस्त्र[...]

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हे शैलसुता -डॉ स्नेहलता द्विवेदीहे शैलसुता -डॉ स्नेहलता द्विवेदी

0 Comments 11:50 am

हे शैलसुता! हे पर्वतराज हिमाद्रि जना, हे भवभय तारिणी बृषवाहना। हे कल्याणी सती सत्य शिवा , प्रणमामि त्वयं हे शैलसुता।[...]

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Ram Kishor Pathak

है मान बाकी राम किशोर पाठकहै मान बाकी राम किशोर पाठक

0 Comments 6:37 pm

है मान बाकी – शिखंडिनी छंद किसे हम कहें, बातें पुरानी। रहा कुछ नहीं, बाकी कहानी।। जिन्हें सुबह से, ढूँढा[...]

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अब भी यूं रुका क्यों है -डॉ स्नेहलता द्विवेदीअब भी यूं रुका क्यों है -डॉ स्नेहलता द्विवेदी

0 Comments 9:12 pm

तू अब भी यूँ रुका क्यूँ है? गुलाब कांटों से यूँ लगा क्यूँ है ? जिंदगी तेरा ये फ़लसफ़ा क्यूँ[...]

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महामानव -जैनेंद्र प्रसादमहामानव -जैनेंद्र प्रसाद

0 Comments 6:53 pm

महामानव पाकर भी ऊँचा पद- मिलता नहीं है यश, कई ऐसे गुमनाम, होते हैं यहांँ इंसान। घर से निकल कर-[...]

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यह देश है उन मतवालों का -बिंदु अग्रवालयह देश है उन मतवालों का -बिंदु अग्रवाल

0 Comments 6:09 pm

यह देश है उन मतवालों का यह देश है उन रखवालों का आजादी के मातवालों का, रखने को शान तिरंगे[...]

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