Author: Vijay Bahadur Singh

गुरुजी का ज्ञानदान-सुरेश कुमार गौरवगुरुजी का ज्ञानदान-सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 3:40 pm

गुरुजी का ज्ञानदान बचपन में गुरुजी ने सिखलाया अनुशासन का खूब पाठ पढ़ाया। कहते बापूजी के तीन थे बंदर सुनो[...]

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मकर संक्रांति-मनोज कुमारमकर संक्रांति-मनोज कुमार

0 Comments 12:48 pm

मकर संक्रांति सही में, इ गजबे परब है। ठंडा को ठोककर, सुबह में उठना, निप पोत ठीककर, डुबकी लगाना। कमाया[...]

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हृदयवासिनी-गौतम भारतीहृदयवासिनी-गौतम भारती

0 Comments 10:55 am

हृदयवासिनी सजग नयन की नूर लिये सीरत सहज प्रवासिनी। आ पड़ी अधिवास को अक्षुण्ण अधिकार, प्रकाशिनि।। चमक उठी वो सूरत[...]

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तिल सकरात-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’तिल सकरात-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 7:06 pm

तिल सकरात बचपन से हम सुनs हलूं महिमा तिल सकरात के, घर के जमाबल रहे शुद्ध दूध-दहिया, चप-चप हाथ करे[...]

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आस्था का पर्व-अशोक कुमारआस्था का पर्व-अशोक कुमार

0 Comments 6:16 pm

आस्था का पर्व आओ मकर संक्रांति मनाएं, एक दूजे के गले लग जाएं। अपनी संस्कृति को बचाएं, प्रेम की धारा[...]

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दोहावली-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 4:52 pm

दोहावली उत्तरायणी पर्व का, हुआ सुखद आगाज। ढोल नगाड़े बज रहे, होंगे मंगल काज।। सूरज नित अभिराम है, जीवन का[...]

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संक्रांति का पैगाम-विवेक कुमारसंक्रांति का पैगाम-विवेक कुमार

0 Comments 4:49 pm

संक्रांति का पैगाम होशियार खबरदार……….. आ गया मकर संक्रांति का त्योहार, सभी पर्वों से अलग, अनूठा, अनोखा, दिलाता एक सुंदर[...]

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मकर संक्रांति-रूचिकामकर संक्रांति-रूचिका

0 Comments 1:21 pm

मकर संक्रांति आइये सब मिलजुलकर त्योहार है मनाइए, घर आँगन हर जगह ख़ुशियाँ हैं फैलाइये। रंग बिरंगे पतंगों की तरह[...]

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सुंदर सूभग विहान-डॉ स्नेहलता द्विवेदी  ‘आर्या ‘सुंदर सूभग विहान-डॉ स्नेहलता द्विवेदी  ‘आर्या ‘

0 Comments 12:03 pm

सुंदर सूभग विहान हे रवि आ जाओ तुम नभ में, जीवन में मकर प्रयाण लिए। ठंड की वेला से मुक्ति[...]

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