Author: Vijay Bahadur Singh

प्रेमचंद-अवनीश कुमारप्रेमचंद-अवनीश कुमार

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प्रेमचंद क्यों है कथासम्राट का जन्मदिन उपेक्षित क्या उनकी रचनाएँ  अब है दम तोड़ती क्या उस कलमकार की रचना में[...]

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कलम के सिपाही को शत-शत नमन-रानी कुमारीकलम के सिपाही को शत-शत नमन-रानी कुमारी

0 Comments 4:51 pm

कलम के सिपाही को शत-शत नमन  तस्वीरें नहीं बदलीं ओ संवेदना के शिखर पुरुष ! कलम के सच्चे सिपाही ![...]

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आदर्श शिक्षक-गौतम भारतीआदर्श शिक्षक-गौतम भारती

0 Comments 9:04 am

आदर्श शिक्षक हे मनुष्य निर्माता, राष्ट्र निर्माता पग पग आपकी दरकार है। आप हैं हमारे आदर्श शिक्षक, आपकी जय जय[...]

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शिक्षक-कुमकुम कुमारीशिक्षक-कुमकुम कुमारी

0 Comments 10:35 am

शिक्षक हाँ मैं एक शिक्षक हूँ। शिक्षक होने का दंभ मैं भरता हूँ। राष्ट्र निर्माता होने पे गर्व मैं करता[...]

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Madhumita

आत्मदृष्टि बदल दे सृष्टि-मधुमिताआत्मदृष्टि बदल दे सृष्टि-मधुमिता

0 Comments 5:01 pm

  आत्मदृष्टि बदल दे सृष्टि हे आत्माओं कर लो परमात्मा से प्यार वो प्यार का सागर देता हमें केवल प्यार[...]

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मानव जीवन-देव कांत मिश्रमानव जीवन-देव कांत मिश्र

0 Comments 12:03 pm

मानव जीवन मानव जीवन बड़ा धन्य है इसे हम बताते चलें। अपने सत्कर्मों से नित इसे हम सजाते चलें।। देखो![...]

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Asmaja Priydarshni

गुरु हैं जग के सोपान-अश्मजा प्रियदर्शिनीगुरु हैं जग के सोपान-अश्मजा प्रियदर्शिनी

0 Comments 4:59 pm

गुरु हैं जग के सोपान गुरुवर के सानिध्य में बनते हम महान न रहते नादान, देते आशिष बनाते सुल्तान गुरूवर[...]

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