Author: Vijay Bahadur Singh

Archana

प्यारा गाँव-अर्चना गुप्ताप्यारा गाँव-अर्चना गुप्ता

0 Comments 5:14 pm

प्यारा गाँव याद बहुत आता है मुझको सुंदर सा मेरा प्यारा गाँव हरे भरे से वो बाग बगीचे पट खोले[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Madhumita

धन्यवाद करूँ प्रभु तेरा-मधुमिताधन्यवाद करूँ प्रभु तेरा-मधुमिता

0 Comments 1:30 pm

  धन्यवाद करूँ प्रभु तेरा  परमपिता परमात्मा कहे ये मेरी आत्मा धन्यवाद करूँ प्रभु तेरा। मन में ज्योत जगाया, मुझको[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Sanyukta

कैसी व्वस्था-संयुक्ता कुमारीकैसी व्वस्था-संयुक्ता कुमारी

0 Comments 3:44 pm

कैसी व्यवस्था कैसी है हमारे सभ्य समाज की व्यवस्था? कोई कब समझेगा गरीब की अवस्था? आवाज उठाओ हो रहा है[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

मैं शिक्षक हूँ-स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’मैं शिक्षक हूँ-स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

0 Comments 11:19 am

मैं शिक्षक हूँ मैनें तो सूरज चाँद रचा, इस जीवन का सम्मान रचा, नव अंकुर नव कोपलों में, रच बस[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

निर्वाण-मनोज कुमार दुबेनिर्वाण-मनोज कुमार दुबे

0 Comments 3:23 pm

निर्वाण हे मातृभूमि वसुधा धरा वसुंधरा। अर्पित है तेरे चरण रज लोहित मेरा।। तू विभवशालिनी विश्वपालिनी दुःखहर्त्री है। भय निवारिणी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

इस माटी की शान बढ़ाएँ-दिलीप कुमार गुप्ताइस माटी की शान बढ़ाएँ-दिलीप कुमार गुप्ता

0 Comments 12:50 pm

 इस माटी की शान बढाएँ  जलाकर स्वदेशी सुगंधित गुलाल लगाएँ पतंग उड़ाकर स्वदेशी स्वाभिमान का तिरंगा फहराएँ आओ! स्वदेशी अपनाएँ[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Bhawanand

अच्छी आदत-भवानंद सिंहअच्छी आदत-भवानंद सिंह

0 Comments 10:32 am

अच्छी आदत आओ बच्चो तुम्हें बताएँ अच्छी आदत तुम्हें सिखाएँ, सुबह सबेरे उठना अच्छा सुनलो इसको सारे बच्चा। उठकर नित्यक्रिया[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Aprajita

गोरैया की आत्म व्यथा-अपराजिता कुमारीगोरैया की आत्म व्यथा-अपराजिता कुमारी

0 Comments 4:58 pm

गौरैया की आत्मव्यथा मैं हूँ चुलबुली सी गौरैया स्थिर नहीं मैं रह पाती हूंँ, चहक चहक कर फुदक फुदक कर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें