माँ माँ की स्नेह गाथा मैं क्या खोलूँ । माँ की करुणा पर क्या बोलूँ ।। माँ कैसी भूलूँ वह[...]
Author: Vijay Bahadur Singh
बैठा पंछी एक डाल पर-स्वाति सौरभबैठा पंछी एक डाल पर-स्वाति सौरभ
बैठा पंछी एक डाल कर मिला मुझे रास्ते में, बैठा पंछी एक डाल पर। बना रहा था घोसला, तिनका तिनका[...]
भिक्षुक-रीना कुमारीभिक्षुक-रीना कुमारी
भिक्षुक देखो बच्चो भिक्षुक आया, दरवाजा उसने खटखटाया, मैले-कूचे कपडों में आया, मनही मन जैसे भरमाया, सब दिखाये उसपर माया,[...]
माँ-प्रियंका कुमारीमाँ-प्रियंका कुमारी
माँ छोटा सा शब्द है “माँ” पर इसका न कोई मोल है यह तो वह होती हैं जो दुनियाँ में[...]
सभी को नमस्कार-प्रकाश प्रभातसभी को नमस्कार-प्रकाश प्रभात
सभी को नमस्कार सौर मंडल में सभी, तारों को नमस्कार। ग्रहों को नमस्कार। रवि को नमस्कार। बिधु को नमस्कार। अवनि[...]
जीवन की उलझनें-प्रीति कुमारीजीवन की उलझनें-प्रीति कुमारी
जीवन की उलझनें बैठी थी आज थोड़ी देर को अपने घर के बालकनी में, समय अपने मंथर गति से आगे[...]
हमारा प्यारा संविधान-नरेश कुमार निरालाहमारा प्यारा संविधान-नरेश कुमार निराला
हमारा प्यारा संविधान हम भारत के नागरिक हैं तिरंगा हमारी शान है, लोकतंत्र की रक्षा हेतु बना विशाल संविधान है।[...]
एक गिलहरी-निधि चौधरीएक गिलहरी-निधि चौधरी
एक गिलहरी बड़े पेड़ पर एक गिलहरी, उसे बुलाते सभी सुनहरी। जन्म जब यह लेती है, आँखों से अंधी होती[...]
ग्रमीण सड़क-विजय सिंह नीलकण्ठग्रमीण सड़क-विजय सिंह नीलकण्ठ
ग्रामीण सड़क जब पहले ग्रामीण क्षेत्र में न होती थी सड़कें कीचड़ के संग खेला करते सब बच्चे लड़की लड़के।[...]
संस्कारों से प्यार है-नूतन कुमारीसंस्कारों से प्यार है-नूतन कुमारी
संस्कारों से प्यार है जो बना ले संतुलन परिस्थिति से, करे द्वंद्व स्वयं से और नियति से, कायम करे वर्चस्व,[...]
