पद्यपंकज Uncategorized वट पूजन रामकिशोर पाठक

वट पूजन रामकिशोर पाठक


Ram Kishore Pathak

वट-पूजन:- बाल कविता (मनोरमा छंद गीत)

माँ बतलाओ कैसी विधान है।
खोज रही क्या वट में निदान है।।

बालों में वट-पत्ता प्रसून है।
मुख मंडल पर जैसे सुकून है ।।
कहती मुझसे आज उपवास है।
होता सौभाग्य सतत् विकास है।।
मुझको दिखती तुम दीप्तिमान है।
खोज रही क्या वट में निदान है।।०१।।

माँ बोली बेटे को दुलार से।
विधिवत् समझाने के विचार से।।
असमय आते संकट गुबार से।
पति रक्षित हो व्रत के गुहार से।।
व्रत फल से पति होता विवान है।
खोज रही क्या वट में निदान है।।०२।।

सावित्री लेकर गोद नतशीश को।
वट के नीचे अपने अधीश को।।
वसते वट में हर-पल त्रिदेव हैं।
रक्षक सुयश सती सत्यमेव हैं।।
व्रत यह उत्तम सबसे महान है।
खोज रही क्या वट में निदान है।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।
संपर्क- ९८३५२३२९७८

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