प्रिय जनवरी – स्वागत है तुम्हारा🌸 बाल कविता
ठंडी हवाओं में नई गंध घुली,
उम्मीदों की किरणें खिली,
बीते पलों की याद समेटे ,
हमने नई सुबह की दहलीज छुई।
प्रिय जनवरी, तुम मुस्कान बन कर आना,
थकी ज़मीं पर हरियाली उगाना,
थोड़ी धूप देना मेहनत के माथे को,
थोड़ा सुकून देना व्यस्त जीवन को।
हर हृदय तुम्हारे संग गीत गाए,
हर मन में खुशी और प्रेम का दीप जलाए,
जहाँ कलह थी, वहाँ मिलन हो,
जहाँ अँधेरा था,
वहाँ आलोक पनप जाए।
बच्चों की हँसी से गलियाँ महकें,
आँगन में आशीषों की घटा बरसें,
जो अधूरा था, वो अब पूर्ण हो जाए ,
परिवार संग नया सवेरा मुस्कुराए।
प्रस्तुति – अवधेश कुमार ,
उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय रसुआर , मरौना , सुपौल
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