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भारतमाता
विविध वेष-भूषा से सजी भारत माता हमारी।
अनेक धर्मों के धर्मावलंबी हम,
तन मन धन अर्पित कर,
दुनिया को हम अपनी एकता दिखाएँ।
धर्मनिरपेक्षता, साम्प्रदायिकता है हमारी।
पर अखण्ड अक्षुण्य भारतीय हैं हम,
शहीदों की स्मरण कर,
अखण्ड भारत का जश्न मनाएँ।
प्रजातांत्रिक देश में सबसे न्यारी स्वतंत्रता हमारी।
गणतांत्रिक देश में गुलामी की दास्तां याद कर,
विजयी विश्व का तिरंगा लहराएँ।
नन्हे सुतो से भविष्य की नींव हमारी।
घर स्कूल की पाठशाला में हम,
देशभक्तों के बलिदानो को यादकर,
बालमन में देशप्रेम की भावना जगाएँ।
विविध गुलिस्ते से सजी भारत माता हमारी।
अनेकता में एकता के सूत्र से गूथें हम।
दुश्मनों के छक्के छुडा़कर,
विजय सौहार्द का नारा लगाएँ।
अश्मजा प्रियदर्शिनी
पटना बिहार

