नववर्ष
नये वर्ष का उत्साह,
देखते ही बनता है,
आओ करें सुस्वागत, सबको बधाई है।
नाच रहे नर- नारी,
ढोल नगाड़े संग है,
खुशी मनाने की,सबपर मस्ती छाई है।
विगत वर्ष में सभी,
क्या खोया क्या पाया है,
अब अवलोकन करने की वक्त आई है।
नये वर्ष में हमने,
सभी बुरी आदतों का,
होलिका जलाने की,सबने कसम खाई है।
भवानंद सिंह
(शिक्षक)
मध्य विद्यालय मधुलता
रानीगंज, अररिया
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